फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दक्षिण कोरिया: 'मार्शल लॉ' को लेकर राष्ट्रपति की सफाई; राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख, न्याय मंत्री पर चलेगा महाभियोग

Thu, 12 Dec 2024 07:42 AM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सियोल

सार

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यूं सुक योल ने टेलीविजन पर एक बयान जारी किया है। इसमें उन्होंने मार्शल लॉ के फैसले की वजह और इसकी जांच से जुड़े हर पहलू पर अपनी बात रखी। हालांकि, बयान विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के नया महाभियोग प्रस्ताव पेश करने से कुछ घंटे पहले आया है।
विज्ञापन
दक्षिण कोरिया में डर और भ्रम के छह घंटे। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने अपने मार्शल लॉ के आदेश का बचाव किया है। उन्होंने उसे अपने शासन का एक कार्य बताया है। उन्होंने विद्रोह के आरोपों से भी इनकार किया है। उन्होंने विपक्ष के महाभियोग के प्रस्ताव को राजनीति से प्रेरित बताया है। इसके अलावा उन्होंने पिछले सप्ताह लिए गए चौंकाने वाले फैसले की जांच को भी खारिज कर दिया है। इस बीच दक्षिण कोरिया की ‘नेशनल असेंबली’ ने ‘मार्शल लॉ’ के मुद्दे पर राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख और न्याय मंत्री के खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए मतदान किया। अब इन दोनों पर महाभियोग की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।

विज्ञापन


टेलीविजन पर एक बयान जारी किया
राष्ट्रपति यून सुक येओल ने टेलीविजन पर एक बयान जारी किया। इसमें उन्होंने मार्शल लॉ के फैसले की वजह और इसकी जांच से जुड़े हर पहलू पर अपनी बात रखी। हालांकि, बयान विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के नया महाभियोग प्रस्ताव पेश करने से कुछ घंटे पहले आया है।

नया महाभियोग प्रस्ताव लाया गया
इस बीच दक्षिण कोरिया की संसद ने कहा है कि छह विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति यूं सुक योल के खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए नया प्रस्ताव पेश किया है। इससे पहले बताया गया था कि विपक्षी पार्टी नए महाभियोग प्रस्ताव को शनिवार को सदन में मतदान के लिए रखने की योजना बना रही हैं। यूं पर महाभियोग लगाने का पहला प्रयास पिछले शनिवार को इसलिए विफल हो गया था, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टी के सांसदों ने नेशनल असेंबली में मतदान का बहिष्कार किया।
विज्ञापन


यहां पढ़ें राष्ट्रपति का पूरा बयान
यून सुक येओल ने कहा, 'मैं देश की सरकार को पंगु बनाने और देश की संवैधानिक व्यवस्था को बाधित करने के लिए जिम्मेदार ताकतों को कोरिया गणराज्य के भविष्य को खतरे में डालने से रोकने के लिए अंत तक लड़ूंगा।' 

उन्होंने कहा कि उनका मार्शल लॉ लागू करने का फैसला लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था की रक्षा करने के लिए लिया गया था। हमारी व्यवस्था को पंगु बना दिया गया है। संविधान को खतरे में डाल दिया गया है। इसलिए मार्शल लॉ जैसा कदम उठाना पड़ा। उनका आदेश शासन का एक ऐसा कार्य था, जिसकी जांच नहीं की जा सकती और यह विद्रोह के बराबर नहीं है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष अब अराजकता फैला रहा है। वह नौटंकी पर उतर आया है। उन्होंने विपक्ष के उस दावे का खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया कि मार्शल लॉ की घोषणा विद्रोह जैसा काम है। क्या यह वास्तव में था?

येओल के कार्यालय पर पुलिस ने छापा मारा था
इससे पहले दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक येओल के कार्यालय पर बुधवार को पुलिस ने छापा मारा था। छापेमारी देश में मार्शल लॉ लागू करने के मामले की जांच के तहत की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, सियोल मेट्रोपॉलिटन पुलिस और नेशनल असेंबली पुलिस गार्ड्स के कार्यालयों पर भी छापे मारे गए। 

पूर्व रक्षा मंत्री ने की आत्महत्या करने की कोशिश
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति को मार्शल लॉ की सलाह देने वाले पूर्व रक्षा मंत्री किम योंग-ह्यून ने पुलिस हिरासत में आत्महत्या करने की कोशिश की। किम ने मंगलवार रात पूर्वी सोल में डोंगबू हिरासत केंद्र के बाथरूम में इनरवियर से बनाई गई रस्सी से खुद को फांसी लगाने की कोशिश की। गनीमत रही कि उन्हें बचा लिया गया और अब उनकी हालत स्थिर है।

क्या है मामला?
दरअसल, पिछले हफ्ते राष्ट्रपति ने देश में मार्शल लॉ लागू किया था। मार्शल लॉ सिर्फ छह घंटों तक ही लागू रहा, क्योंकि नेशनल असेंबली (संसद) में मतदान कराया गया और राष्ट्रपति के आदेश को पलट दिया गया। इसके बाद से ही वह मुख्य विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी और कुछ अन्य छोटे दलों के निशाने पर हैं। उनके खिलाफ महाभियोग भी लाया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें