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द. कोरिया: महाभियोग का सामना कर रहे राष्ट्रपति यून ने समर्थकों को लिखा पत्र, कहा-देश विरोधी ताकतों से अंत तक

Thu, 02 Jan 2025 10:48 PM IST
राहुल कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सियोल

सार

South Korea: महाभियोग का सामना कर रहे राष्ट्रपति यून ने सियोल में अपने आवास के बाहर जुटे अपने समर्थकों के लिए बयान जारी करते हुए सरकार विरोधी ताकतों के खिलाफ अंत तक संघर्ष का संकल्प लिया।
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दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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दक्षिण कोरिया में महाभियोग के शिकार राष्ट्रपति यून सुक येओल ने अपने समर्थकों को एक पत्र भेजकर रहा है कि वह अंत तक लड़ाई जारी रखेंगे। उनके वकील ने कहा, 3 दिसंबर को यून के अल्पकालिक मार्शल लॉ के कारण उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। यून ने सियोल में अपने आवास के बाहर जुटे अपने समर्थकों के लिए बयान जारी करते हुए सरकार विरोधी ताकतों के खिलाफ अंत तक संघर्ष का संकल्प लिया।
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भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी के मुख्य अभियोजक ओह डोंग-वून ने संकेत दिया है कि यदि यून की सुरक्षा सेवा हिरासत के प्रयास का विरोध करते हैं, तो पुलिस बल तैनात किया जा सकता है। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि यून को पूछताछ के लिए बाध्य किया जाएगा या नहीं। इस बीच यून ने समर्थकों को लिए पत्र में कहा, मैं आपके साथ मिलकर इस देश की रक्षा के लिए अंत तक लड़ूंगा। 

यून ने बुधवार शाम को अपने आवास के बाहर जुटे सैकड़ों समर्थकों को दिए संदेश में देश की संप्रभुता के उल्लंघन और राष्ट्र को खतरे में डालने वाली ताकतों का विरोध किया। बृहस्पतिवार को भी सुबह भारी पुलिस मौजूदगी के बीच बड़ी तादात में यून समर्थक उनके नेता पर लगे महाभियोग का विरोध करने वाले संकेत तथा बैनर लेकर उनके आवास के बाहर जुटे। यून के वकीलों का तर्क है कि कोर्ट का हिरासत वारंट अमान्य है। भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी के पास विद्रोह के आरोपों की जांच करने के लिए कानूनी अधिकार नहीं है।
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कोर्ट पर कानून दरकिनार करने का आरोप
दक्षिण कोरियाई उच्च-श्रेणी अधिकारियों के लिए संयुक्त टीम का नेतृत्व कर रहे भ्रष्टाचार जांच कार्यालय के पास यून के गिरफ़्तारी वारंट को निष्पादित करने के लिए 6 जनवरी तक का समय है। उधर, राष्ट्रपति यून के कार्यालय और आधिकारिक निवास में तलाशी वारंट के साथ जांचकर्ताओं की पहुंच रोक दी गई है। यून के वकीलों ने कोर्ट पर उस कानून को दरकिनार करने का भी आरोप लगाया है जो कहता है कि सैन्य रहस्यों से जुड़े संभावित स्थानों को प्रभारी व्यक्ति की सहमति के बिना जब्त या खोजा नहीं जा सकता है।
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