जनरल मुनीर को इतना बड़ा तमगा देने के मायने क्या हैं?
विदेश मामले के वरिष्ठ पत्रिकार रंजीत कुमार कहते हैं कि जनरल मुनीर की पाकिस्तान की छवि कट्टरपंथियों को बढ़ावा देने की है। उनके समय में लश्कर-ए-तयैबा और जैशे-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के मजबूत होने की संभावना है। ऐसा माना जा रहा है कि जनरल मुनीर के इशारे पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने बांग्लादेश में भी अपने आपरेशन को तेज कर दिया है। बताते चलें कि पाकिस्तान दो बड़ी चुनौती झेल रहा है। पहली तो यह कि अफगानिस्तान की सरकार से उसके रिश्ते ठीक नहीं चल रहे हैं। अफगानिस्तान ने इसके सामानांतर भारत की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। दूसरी तरफ बलूचिस्तान के लोगों ने बड़ा मोर्चा खोल रखा है। इसके अलावा पाकिस्तान की आंतरिक चुनौतियां भी लगातार बढ़ रही हैं। जनरल आसिफ मुनीर ही वह शख्स हैं, जिन्होंने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के सत्ता में लौटने में बड़ी बाधा खड़ी की थी। सेना के समर्थन से ही प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ को सरकार बनाने में सफलता मिल पाई। इमरान के गिरफ्तार होने, जेल जाने के पीछे भी जनरल मुनीर की बड़ी भूमिका थी। वह अब भी पाकिस्तान की सरकार के संकट मोचक बनकर खड़े हैं।