इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बनाने वाली सोनी, तोशिबा-सैमसंग, फिलिप्स जैसी विश्व की कई प्रमुख कंपनियां कनाडा में दायर एक मुकदमे में 2.97 करोड़ डॉलर का समझौता कर रही हैं। उन्होंने आपसी साठगांठ कर अपने उत्पाद महंगे बेचे थे। 2004 से 2010 के बीच यह उत्पाद खरीदने वाले कनाडाई 20 डॉलर तक का मुआवजा बिना खरीदी रसीद दिखाए पा सकेंगे।
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इन कंपनियों में बेनक्यू, हिटाची-एलजी, पायनियर, पैनासॉनिक, आदि भी शामिल हैं। इन्होंने सीडी व डीवीडी प्लेयर्स, कंप्यूटर, गेमिंग कंसोल आदि में लगने वाली ऑप्टिकल डिस्क ड्राइव (ओडीडी) महंगे दामों पर बेची थी। ओंटारियो, क्यूबेक, ब्रिटिश कोलंबिया, आदि की अदालतों ने समझौते पर रजामंदी दे दी है। ऐसा ही मामला अमेरिका व यूरोप में भी आया।
अनुचित मुनाफा कितना, पता नहीं
मुकदमा करने वालों में शामिल लिंडा वाइसर के अनुसार, कंपनियों ने उपभोक्ताओं से कितना अनुचित पैसा वसूला, यह आकलन आज संभव नहीं है। यह माना गया कि 2004 से 2010 में कनाडा के सभी नागरिकों ने कभी न कभी वीडियो गेम, सीडी-डीवीडी व ब्लू-रे प्लेयर आदि खरीदे और ज्यादा पैसा चुकाया। इसीलिए उन्हें मुकदमे को लेकर बनी वेबसाइट पर 14 नवंबर से पहले 20 डॉलर मुआवजे के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा।