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सोमालिया में बड़ा आतंकी हमला: अल-कायदा से जुड़े अल-शबाब समूह के हमले में 20 सैनिकों की मौत, सरकार ने क्या कहा?

Wed, 28 Oct 2026 02:00 PM IST
अमन मौर्या पीटीआई, मोगादिशु

सार

सोमालिया के जामीका गांव के पास अल-शबाब के आतंकियों द्वारा किए गए घात लगाकर हमले में कम से कम 20 सैनिकों की मौत हो गई। हालांकि सरकार ने सैनिकों के हताहत होने पर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है।
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आतंकी हमला (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Freepik
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विस्तार
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सोमालिया में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ है। इस्लामी चरमपंथी लड़ाकों ने घात लगाकर किए गए हमले में सोमालिया के कम से कम 20 सैनिकों को मार डाला। हमले में बचे एक सैन्य अधिकारी ने यह जानकारी दी। वहीं, सरकार ने सैन्य वाहनों को नुकसान पहुंचने की बात तो मानी, लेकिन आधिकारिक तौर पर सैनिकों के हताहत होने के बारे में कुछ नहीं बताया। अल-कायदा से जुड़े अल-शबाब समूह ने, जो लगभग दो दशकों से सोमालिया की सरकार के खिलाफ लड़ रहा है, दक्षिणी सोमालिया के जामीका गांव के पास सोमवार को हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
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रक्षा मंत्रालय ने क्या बताया?
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि घंटों चली लड़ाई के दौरान उनके सैनिकों ने लगभग 75 चरमपंथियों को मार गिराया और 56 को घायल कर दिया। वहीं, अल-शबाब ने दावा किया कि उसने 321 सैनिकों को मार डाला है और कुछ सैनिकों को बंदी बनाने के साथ-साथ सैन्य उपकरण भी जब्त किए हैं। हताहतों की संख्या और सैनिकों को बंदी बनाने या उपकरण जब्त करने के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। सैन्य काफिले के साथ मौजूद एक अधिकारी, अब्शीर अब्दीकरीम ने मंगलवार देर रात फोन पर 'द एसोसिएटेड प्रेस' को बताया कि हमले के बाद उन्होंने अपने कम से कम 20 साथियों के शव देखे। उन्होंने बताया कि सैनिक लीगो से आगे बढ़कर बे क्षेत्र के बुरहाकाबा जिले में जामीका पहुंचे थे, जहां चरमपंथियों के साथ उनकी भारी गोलीबारी हुई। उन्होंने बताया कि पहले लापता बताए गए कुछ सैनिक मंगलवार को बालेडोगले पहुंच गए, जबकि बाकी सैनिकों का अभी तक कोई पता नहीं चला है। हालांकि, मंत्रालय ने इस झड़प को चरमपंथियों के ठिकानों पर किया गया हमला बताया।
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अल-शबाब ने क्या कहा?
अल-शबाब का कहना है कि उसके लड़ाकों ने उस इलाके में घुस रहे काफिले पर घात लगाकर हमला किया, जो उनके नियंत्रण में है। मंत्रालय ने बताया कि चरमपंथियों ने सेना के वाहनों पर हमला करने के लिए विस्फोटकों से लदे वाहनों का इस्तेमाल किया, जिससे सेना के कुछ वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि, मंत्रालय ने यह नहीं बताया कि कितने वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं, और न ही सैनिकों को बंदी बनाए जाने के दावों पर कोई टिप्पणी की। अल-शबाब ने दावा किया कि उसने तुर्किये द्वारा मुहैया कराए गए बख्तरबंद वाहन, हथियारों से लैस पिकअप ट्रक, आपूर्ति ट्रक, हथियार और गोला-बारूद जब्त किए हैं।
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सैन्य अभियान के बावजूद अभी तक कैसे सक्रिय है समूह?
बता दें कि अफ्रीकी संघ के सैनिकों ने 2011 में अल-शबाब को मोगादिशु से खदेड़ दिया था, लेकिन इस समूह ने गुरिल्ला युद्ध, आत्मघाती बम धमाकों और लक्षित हत्याओं के जरिए खुद को बनाए रखा है। सोमालिया के अधिकारियों ने अमेरिका समर्थित सैन्य अभियान के दौरान कुछ इलाकों पर फिर से कब्जा करने का दावा किया है, लेकिन वहां तक पहुंच सीमित होने के कारण इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना मुश्किल है। आतंकवादियों ने मध्य और दक्षिणी सोमालिया के बड़े इलाकों में अपनी गतिविधियां जारी रखने की क्षमता बनाए रखी है।
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