सोशल मीडिया पर नवजात और छोटे बच्चों की तस्वीरें और वीडियो आए दिन वायरल होते रहते हैं। शायद यही वजह है कि पैदा होने के तुरंत बाद ही कुछ मां-बाप अपने बच्चों का सोशल मीडिया अकाउंट बना देते हैं।
अधिकतर मामलों में सोशल मीडिया पर सक्रिय मां-बाप खुद ही जिंदगी की हर छोटी-बड़ी चीज वर्चुअल वर्ल्ड में शेयर करना चाहते हैं। इसके जरिए वे अपने बच्चों का डिजिटल अलबम तैयार कर रहे होते हैं, लेकिन बच्चों की सोशल मीडिया पर मौजूदगी से चाइल्ड ट्रैफिकिंग, पोर्नोग्राफी का खतरा भी बढ़ सकता है।
सोशल मीडिया 5 साल तक के बच्चों के मानसिक विकास में बाधक है। सोशल मीडिया पर अधिकांश वक्त बिताने वाले मां-बाप बच्चों के साथ कुछ अच्छे पल नहीं बिता पाते और इससे बच्चों का ध्यान भटकता है। अगर मां-बाप चाहते हैं कि उनके बच्चे सोशल मीडिया और फोन से दूर रहें, तो उन्हें अपने साथ भी यही करना होगा।