हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के दबदबे पर अंकुश लगाने के लिए चार देशों के समूह क्वॉड की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे भारत के विदेशमंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेशमंत्री माइक पोम्पियो से द्विपक्षीय मुलाकात की है। क्वॉड की बैठक से इतर हुई इस मुलाकात में दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े विभिन्न पहलुओं और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने के तरीकों पर चर्चा की।
टोक्यो में विदेशमंत्री जयशंकर ने क्वॉड की बैठक से इतर अमेरिकी विदेशमंत्री माइक पोम्पियो से की मुलाकात
मुलाकात के बाद जयशंकर ने ट्वीट किया, अमेरिकी विदेशमंत्री पोम्पियो के साथ द्विपक्षीय वार्ता कर अपनी टोक्यो यात्रा की शुरुआत की। कई क्षेत्रों में हमारी साझेदारी में प्रगति को देख खुश हूं। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और समृद्धि के लिए हम मिलकर काम करेंगे। वहीं, बैठक के बाद माइक पोम्पियो ने कहा, भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ सकारात्मक वार्ता हुई।
हम मिलकर अमेरिका-भारत संबंधों को नई ऊंचाइयों पर लेकर जा रहे हैं, कोविड-19 से जंग लड़ रहे हैं और सबके लिए सुरक्षित व समृद्ध हिंद प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित कर रहे हैं। वैसे तो जयशंकर और पोम्पियो के बीच फोन पर नियमित अंतराल पर बातचीत होती रहती है। मगर पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ सीमा पर भारत के हालिया तनाव के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली मुलाकात है।
कोरोना के चलते बदल चुकी है दुनिया, चुनौतियों से निपटेंगे
वहीं, जयशंकर ने क्वॉड की बैठक में कहा, अगले साल से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की दो साल की सदस्यता पर कहा कि कोरोना की महामारी समेत दूसरी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए मिलजुलकर समाधान निकालने के लिए हमेशा तैयार और तत्पर हैं। उन्होंने कहा कि इस वैश्विक महामारी के दौर में हमारी दुनिया में काफी कुछ बदल चुका है। पिछले साल न्यूयॉर्क में सितंबर 2019 में हुई हमारी मुलाकात की तुलना में हमारी दुनिया अब काफी अलग हो चुकी है। कोविड -19 महामारी ने दुनियाभर में काफी बदलाव ला दिया है।
जापान के साथ विशेष साझेदारी
जयशंकर ने जापान के साथ विशेष साझेदारी पर चर्चा की। उन्होंने कहा, क्वॉड के विदेश मंत्रियों के साथ जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा के साथ मुलाकात की। हमारी विशेष साझेदारी के द्विपक्षीय और वैश्विक आयामों के बारे में बात की।
हिंद प्रशांत में चीन के दबदबे की रोकने की कोशिश
अपनी दो दिवसीय टोक्यो यात्रा के दौरान जयशंकर जापानी विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री मैरिसे पाइने के साथ भी बातचीत करेंगे। दरअसल, भारत, जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भी द्विपक्षीय सहयोग बढ़ा रहा है। अमेरिका हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत के लिए एक बड़ी भूमिका पर जोर दे रहा है, जिसे कई देशों द्वारा क्षेत्र में चीन के बढ़ते दबदबे को रोकने की कोशिश के तौर पर देखा जाता है।
चीन पर बरसे पोम्पियो, कहा- ड्रैगन के खतरे से जूझ रही दुनिया
क्वॉड की बैठक में अमेरिकी विदेशमंत्री पोम्पियो ने चीन पर बरसते हुए कहा कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने जो धमकियां दी हैं, उनका हममें से उन लोगों ने विरोध किया है जो मानते हैं कि स्वतंत्रता और लोकतंत्र इस क्षेत्र में रहने वाले सभी लोगों के लिए अच्छी चीजें हैं। पूरी दुनिया इस समय चीन के खतरे से जूझ रही है और यही समय है कि जब हम उसके खिलाफ गंभीर होकर कोई हल निकालेंगे।
पोम्पियो ने हांगकांग को लेकर चीन पर बरसते हुए कहा, हांगकांग के अधिग्रहण के बाद चीन ने अपनी प्रतिबद्धताओं को तोड़ते हुए लोगों की आजादी को छीन लिया है। उन्होंने कहा कि हम देख रहे हैं कि ताइवान में क्या हो रहा है। यह चीन बनाम अमेरिका के बारे में नहीं है। यह स्वतंत्रता बनाम अत्याचार के बारे में है।