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इंडोनेशिया आपदा: चेतावनी एजेंसी की छोटी सी लापरवाही ने ले ली 832 लोगों की जान

Sun, 30 Sep 2018 04:28 PM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप में आए विनाशकारी भूकंप और इससे पैदा हुई सुनामी के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 832 हो गई है। रविवार को एक आपदा प्रबंधन एजेंसी ने यह जानकारी दी। अब तक सभी मौतें पालू शहर में दर्ज की गई हैं। दो दिन पहले यहां 1.5 मीटर ऊंची लहरें उठी थी और पानी द्वीप के भीतर घुस आया था। पालू के उत्तर में स्थित डोंगला क्षेत्र में 11 लोगों के मारे जाने की सूचना मिली है।  

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इसी बीच अब देश की जांच एजेंसी बीएमकेजी की लापरवाही सामने आई है। दरअसल एजेंसी ने शुक्रवार सुबह सुलावेसी में पहली बार 6.1 तीव्रता का भूकंप आने के बाद सुनामी की चेतीवनी दी थी। लेकिन 34 मिनट बाद ही चेतावनी को वापस ले लिया गया। जिसके बाद सुलावेसी द्वीप में 7.5 तीव्रता का भूकंप आया और महज 3 घंटे के भीतर ही पालू और डोंगला शहर में सुनामी आ गई।

पूरे देश में हो रही है आलोचना

एजेंसी के चेतावनी वापस लेने के कारण लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने का समय नहीं मिल पाया। जब सुनामी आई तब पालू में हजारों की संख्या में लोग बीच फेस्टिवल की तौयारियों में जुटे थे। डोंगला में तबाही का आकलन कर पाना काफी मुश्किल है और पालू हवाई अड्डा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।
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6 लाख से ज्यादा लोग हुए प्रभावित

सुनामी के कारण पालू और डोंगला शहर बुरी तरह तबाह हो गए हैं। पालू की आबादी 3.80 लाख है और डोंगला की आबादी 2.25 लाख है। पालू हवाई अड्डे के बंद होने के कारण सेना को भी मदद पहुंचाने में दिक्कत आ रही है। बिजली और पानी सेवा भी लोगों को नहीं मिल पा रही है। साथ ही शहर जाने वाले सड़क मार्ग भी भूस्खलन के कारण प्रभावित हुए हैं।

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इतिहास की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदा

इंडोनेशिया से पहले भी कई जगह बड़ी सुनामी आई हैं। लेकन इसमें भी सबसे पहला नाम इंडोनेशिया का ही है। यहां 26 सितंबर, साल 2004 में सुमात्रा द्वीप में 9.1 तीवत्रा का भूकंप आया था। जिसके बाद हिंद महासागर में सुनामी की लहरें उठने लगीं, जिसकी चपेट में हिंद महासागर के कई देश आ गए। इसमें 2.20 लाख लोगों की मौत हुई। अकेले 1.70 लाख लोग इंडोनेशिया के थे। यह इतिहास की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदा थी। इसकी शक्ति एटम बम से भी ज्यादा थी।

सबसे ज्यादा तीव्रता का भूकंप और 5700 लोगों की मौत

मई 1960 में चिली में अब तक का सबसे ज्यादा तीव्रता का भूकंप आया था। उस भूकंप की तीव्रता 9.5 थी। जिसके कारण 5700 लोगों की मौत हुई।

भूकंप के बाद सुनामी, 8 हजार लोगों की मौत

17 अगस्त, 1976 को फिलीपींस में 7.9 तीव्रता का भूकंप आया था। जिसके बाद सुनामी भी आ गई। जिसके कारण करीब 8 हजार लोगों की मौत हो गई।

भूकंप के बाद 8 हजार लोगों की मौत

17 जुलाई, साल 1998 को पापुआ न्यूगिनी में 7.9 तीव्रता के दो भूकंप आए। जिसके बाद सुनामी भी आई और 8 हजार लोगों की मौत हो गई।

भूकंप के बाद सुनामी, 19 हजार की मौत

11 मार्च, साल 2011 को जापान में 9.0 तीव्रता का भूकंप आया। इस भूकंप के बाद वहां सुनामी भी आई। जिसकी चपेट में आकर 19 हजार लोगों की मौत हो गई।
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