तमिलनाडु के कम से कम छह भारतीय मछुआरों को श्रीलंकाई नौसेना ने श्रीलंका में कांकेसंथुराई क्षेत्र के पास उनके ट्रॉलर सहित हिरासत में ले लिया। पकड़े गए सभी मछुआरे अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में मछली पकड़ रहे थे।
श्रीलंकाई नौसेना के अनुसार, मछुआरे कथित तौर पर अवैध शिकार में शामिल थे जिसके चलते उन्हें बुधवार को एक विशेष अभियान के बाद कारीनगर में कोविलन लाइटहाउस से हिरासत में लिया गया था।
स्थानीय मछुआरों की आजीविका और देश के समुद्री संसाधनों पर इन प्रथाओं के परिणामों को ध्यान में रखते हुए, नौसेना विदेशी मछली पकड़ने वाले ट्रॉलरों द्वारा अवैध मछली पकड़ने की प्रथाओं को रोकने के लिए श्रीलंकाई जल में नियमित गश्त और अभियान चलाती रहती है।
गिरफ्तार मछुआरों की पहचान
छह मछुआरे तमिलनाडु के पुदुक्कोट्टई जिले के थे। छह में से पांच मछुआरों की पहचान कर ली गई है, जिनमें नरेश (27), आनंदबाबू (25), अजय (24), नंदकुमार (28) और अजित (26) हैं, वहीं छठे शख्स की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है।
नौसेना ने कहा कि हिरासत में लिए गए मछुआरों को कंकासंथुराई बंदरगाह लाया गया और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उन्हें मैलाडी मत्स्य निरीक्षक को सौंप दिया जाएगा। गौरतलब है कि यह प्रकरण इसी तरह की एक अन्य घटना के तुरंत बाद आया है, जहां 25 मछुआरों को तमिलनाडु के 12 और पुडुचेरी के 13 को श्रीलंका के प्वाइंट पेड्रो शहर के पास श्रीलंकाई नौसेना द्वारा हिरासत में लिया गया था।
अक्तूबर में कुल 64 मछुआरों को किया था गिरफ्तार
पिछले महीने, 27 भारतीय मछुआरों को श्रीलंकाई अधिकारियों ने रिहा कर दिया था। वे 12 और 15 के सेट में अलग-अलग दिनों में चेन्नई हवाई अड्डे पर लौटे थे। इससे पहले अक्तूबर में, श्रीलंकाई नौसेना द्वारा तीन अलग-अलग गिरफ्तारियों में कुल 64 मछुआरों को गिरफ्तार किया गया था, जो रामेश्वरम और मंडपम से थे। कथित तौर पर सभी पर अपनी नावों और मछली पकड़ने के जालों के साथ सीमा पार मछली पकड़ने का आरोप था।
पहले एक बयान में कहा गया था कि 2023 में अब तक कुल 33 भारतीय ट्रॉलर और 220 भारतीय मछुआरों को श्रीलंकाई नौसेना द्वारा पकड़ा गया है। विशेष रूप से, श्रीलंकाई नौसेना द्वारा भारतीय मछुआरों की गिरफ्तारी तमिलनाडु सरकार के साथ-साथ भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार दोनों के लिए एक चिंताजनक मुद्दा रही है।
पीएम मोदी भी कर चुके हैं चर्चा
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने अक्तूबर में विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखकर श्रीलंकाई नौसेना द्वारा तमिलनाडु के मछुआरों की बार-बार गिरफ्तारी के मुद्दे पर प्रकाश डाला और पाक खाड़ी में तमिलनाडु के मछुआरों के मछली पकड़ने के पारंपरिक अधिकारों की रक्षा करने की मांग दोहराई थी। इस साल जुलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे की यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात के दौरान भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी।