सिंगापुर आगामी 3 वर्षों में भारत से 180 कनिष्ठ डॉक्टरों की भर्ती की योजना बना रहा है। इस कदम पर कई लोगों ने सवाल भी उठाए हैं। मीडिया की खबर के अनुसार, 10 अक्तूबर को खत्म होने वाली एक निविदा के तहत 2024 तक भारत से हर वर्ष 60 डॉक्टरों की भर्ती करने का लक्ष्य रखा गया है।
बताया गया कि इस योजना को 2025 तक बढ़ाने की संभावना भी है। सिंगापुर के सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों से संबद्ध एक कंपनी एमओएच होल्डिंग्स (एमओएचएच) के अनुसार, सिंगापुर काम के बोझ को कम करने और अपनी स्वास्थ्य क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने के लिए विदेश से चिकित्सकों की भर्ती कर रहा है।
कंपनी के मुताबिक, भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया व ब्रिटेन से भी चिकित्सकों की भर्ती की जा रही है। इन चिकित्सकों को कड़े नियमों के तहत ‘क्लीनिकल प्रैक्टिस’ (इलाज करने) के लिए सशर्त पंजीकरण की अनुमति दी जाएगी।
कई ने उठाए सवाल
इस निविदा को लेकर चिकित्सा समुदाय में चिंताएं बढ़ गई हैं। कई ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाए हैं। कुछ ने भारत से चिकित्सकों की भर्ती पर तो कुछ ने नकली प्रमाणीकरण को लेकर चिंता जताई। कुछ ने पूछा कि सिंगापुर देश के मेडिकल स्कूलों में छात्रों की संख्या क्यों नहीं बढ़ा सकता? लेकिन रिपोर्टों के मुताबिक, देश में कई कोशिशों के बाद भी मेडिकल विशेषज्ञों की कमी है।