सिंगापुर के एक पॉलीटेक्निक संस्थान के चीनी मूल के एक व्याख्याता को भारतीय-चीनी युगल के खिलाफ कथित नस्लीय टिप्पणी करने पर सख्त सजा मिल सकती है। उनकी टिप्पणी को गंभीर कदाचार माना गया है। चीनी व्याख्यता को नौकरी हाथ धोना पड़ेगा।
बृहस्पतिवार को मीडिया में आई खबरों में यह जानकारी दी गई है। एंग एन पॉलिटेक्निक संस्थान ने कहा कि गंभीर कदाचार करने पर वरिष्ठ व्याख्याता तान बून ली को बर्खास्त करने की प्रक्रिया चल रही है। घटना एक वीडियो में दर्ज हो गई थी , जो छह जून को ऑनलाइन पोस्ट किया गया था। इसमें बून ली ऑर्चर्ड मार्ग पर एक भारतीय-चीनी युगल पर नस्लीय टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं। इसमें बून ली सिंगापुर के देव प्रकाश नाम के व्यक्ति से एक चीनी महिला से मित्रता करने को लेकर बहस करते दिख रहे हैं।
देव प्रकाश भारतीय और फिलिपीनी नस्ल से हैं, जबकि उनकी महिला मित्र आधी चीनी और आधी थाई हैं। वीडियो में तान किसी 'भारतीय लड़की' से शादी नहीं करने को लेकर प्रकाश पर नस्लीय होने का आरोप लगा रहे हैं। इसके बाद उसी संस्थान की एक पूर्व छात्रा नुरूला फतीमा इस्कंदर ने नौ जून को इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट डाली, जिसमें उसने आरोप लगाया कि 2017 में तान बून ली ने कक्षा में इस्लाम निंदक टिप्पणी की थी।
संस्थान ने कहा कि दोनों घटनाओं की आंतरिक जांच पूरी होने के बाद तान को बर्खास्त करने का फैसला लिया गया। पुलिस दोनों मामले की जांच कर रही है।