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संसद में जोरदार बहस: सिंगापुर के पीएम ने किया भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का जिक्र, जानिए क्या कहा

Thu, 17 Feb 2022 02:26 AM IST
Jeet Kumar पीटीआई, सिंगापुर

सार

सिंगापुर के पीएम ली ने मंगलवार को संसद में कहा कि ज्यादातर देश उच्च आदर्शों और महान मूल्यों के आधार पर स्थापित होते हैं और अपनी यात्रा शुरू करते हैं।
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सिंगापुर के पीएम ली सीन लूंग और जवाहरलाल नेहरू - फोटो : twitter
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विस्तार
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संसद में बहस के दौरान सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सीन लूंग ने भारत के पहले प्रधानमंत्री ने जवाहरलाल नेहरू का जिक्र किया। वे ‘देश में लोकतंत्र को कैसे काम करना चाहिए’ इस विषय पर अपनी बात रख रहे थे। इस दौरान संसद में जोरदार बहस हुई।

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पीएम ली मंगलवार को संसद में वर्कर्स पार्टी के पूर्व विधायक रईसा खान द्वारा की गई झूठी बयानबाजी के बारे में हुई शिकायतों पर विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट पर अपना पक्ष रख रहे थे। इस दौरान सिंगापुर के पीएम ली ने कहा कि ज्यादातर देश उच्च आदर्शों और महान मूल्यों के आधार पर स्थापित होते हैं और अपनी यात्रा शुरू करते हैं। हालांकि, अक्सर संस्थापक नेताओं और अग्रणी पीढ़ी से इतर, दशकों और पीढ़ियों में धीरे-धीरे चीजें बदलती हैं।

आगे उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के लिए लड़ने और जीतने वाले नेता अक्सर जबरदस्त साहस, महान संस्कृति और उत्कृष्ट क्षमता वाले असाधारण व्यक्ति होते हैं। वे मुश्किलों से पार पाए और जनता तथा राष्ट्रों के नेताओं के रूप में उभरे भी। डेविड बेन-गुरियन, जवाहर लाल नेहरू ऐसे ही नेता हैं। आगे कहा कि विशाल व्यक्तिगत प्रतिष्ठा से प्रभावित होकर, उन्होंने एक बहादुर नई दुनिया का निर्माण करने और अपने लोगों के लिए और अपने देशों के लिए एक नए भविष्य को आकार देने के लिए अपने लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करने का प्रयास किया।
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साथ ही ली ने कहा नेहरू का भारत बन गया है लेकिन मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, लोकसभा में लगभग आधे सांसदों के खिलाफ बलात्कार और हत्या के आरोप लंबित हैं। हालांकि यह भी कहा जाता है कि इनमें से कई आरोप राजनीति से प्रेरित हैं।

प्रधानमंत्री ली ने कहा कि राजनीति बदलती रहती है, राजनेताओं के प्रति सम्मान घटता हैऔर आप इससे बेहतर की उम्मीद नहीं कर सकते। इसलिए, मानक खराब हो जाते हैं। नेताओं में विश्वास कम हो जाता है और देश में और गिरावट आती है। ली ने कहा कि प्रत्येक सफल पीढ़ी को उस प्रणाली की रक्षा और निर्माण करना चाहिए जो सिंगापुर को विरासत में मिली है।

आगे पीएम ने कहा कि हमारा लोकतंत्र परिपक्व हो सकता है, गहरा हो सकता है और अधिक लचीला हो सकता है। अगर शासित और शासी दोनों सही मानदंडों और मूल्यों को गले लगाएंगे। सिंगापुर फलता-फूलता रह सकता है। 

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