रिडआउट रोड बंगलों को लेकर है विवाद
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सिंगापुर में भारतीय मूल के दो वरिष्ठ मंत्रियों ने प्रधानमंत्री ली शीन लूंग के भाई ली सीन यांग के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करने की धमकी दी है। दरअसल ली शीन यांग ने भारतीय मूल के मंत्रियों पर ब्रिटिश कालीन बंगलों को लेकर सिंगापुर के गृह मंत्री के षणमुगम और विदेश मामलों के मंत्री विवियन बालकृष्णन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। आरोपों को दोनों मंत्रियों ने खारिज कर दिया है और छवि बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री के भाई के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करने की धमकी देते हुए माफी मांगने और हर्जाने की मांग की है।
ब्रिटिश कालीन बंगलों से जुड़ा है मामला
गुरुवार को सिंगापुर के गृह मंत्री के षणमुगम ने फेसबुक पर पोस्ट करते हुए लिखा कि 'ली यांग ने मुझ पर और डॉ. बालकृष्णन पर सिंगापुर लैंड अथॉरिटी से निजी फायदा लेने और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।' षणमुगम ने लिखा कि 'रिडआउट रोड पर बंगला नंबर 26 और 31 में सिंगापुर लैंड अथॉरिटी के बिना अनुमति के पेड़ काटने और बंगलों के पुनर्निर्माण के लिए सिंगापुर लैंड अथॉरिटी द्वारा भुगतान करने का आरोप लगाया गया है।' मंत्री ने आरोपों को खारिज करते हुए लिखा कि हमने यांग से माफी की मांग की है और आरोप वापस लेकर हर्जाना देने की मांग की है।
ब्रिटिशकालीन हैं बंगले
षणमुगम ने ये भी कहा कि 'हर्जाने के रूप में मिली राशि को वह सामाजिक कार्यों के लिए दान करेंगे। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो हम उनके खिलाफ मुकदमा करेंगे।' बता दें कि रिडआउट रोड पर स्थित ये बंगले ब्रिटिश कालीन हैं और 100 साल से भी पुराने हैं। फिलहाल ये बंगले सिंगापुर सरकार की संपत्ति हैं। इन बंगलों को मामला पहली बार इस साल मई में उठा, जब विपक्षी नेता और रिफॉर्म पार्टी के मुखिया केनेथ जयरत्नम ने सवाल उठाया कि क्या मंत्रियों ने बंगलों की बाजार कीमत से कम किराए का भुगतान किया है।
जांच में मिल चुकी है क्लीन चिट
हालांकि सिंगापुर की भ्रष्टाचार निरोधी संस्था (सीपीआईबी) की जांच में मंत्रियों को क्लीन चिट मिल गई। अब प्रधानमंत्री के भाई ली शीन यांग ने सोशल मीडिया पोस्ट कर फिर से ब्रिटिश कालीन बंगलों में कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। जिस पर मंत्रियों ने ली शीन यांग को चिट्ठी लिखकर माफी की मांग की है।