जयशंकर ने सिंगापुर में अपने समकक्ष के साथ की बैठक
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दोनों देशों के संबंधों की प्रगति की समीक्षा हुई
भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस मुलाकात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछले साल सितंबर में हुई सिंगापुर यात्रा के बाद हुई प्रगति की समीक्षा की गई। उस दौरे पर दोनों देशों के संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर बढ़ाया गया था। दोनों देशों के बीच प्रमुख सहयोग क्षेत्रों में निवेश, औद्योगिक पार्क, सेमीकंडक्टर निर्माण, बुनियादी ढांचा विकास, कौशल विकास और आपसी संपर्क बढ़ाना शामिल है। इसके अलावा भारत और सिंगापुर के नेताओं ने आसियान, इंडो-पैसिफिक क्षेत्रऔर वैश्विक मामलों पर भी विचार-विमर्श किया।
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तेओ ची हीन से भी मिले विदेश मंत्री
जयशंकर ने तेओ ची हीन, जो सिंगापुर के पूर्व वरिष्ठ मंत्री हैं और अब टेमासेक होल्डिंग्स के चेयरमैन बनने वाले हैं, से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारत में हो रहे बदलावों और उसमें टेमासेक की संभावित निवेश योजनाओं पर चर्चा की। भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि जयशंकर की यह यात्रा दोनों देशों के बीच लगातार हो रहे उच्चस्तरीय संवाद को दर्शाती है और यह इस बात का प्रतीक है कि भारत सिंगापुर को अपने रिश्तों में कितनी प्राथमिकता देता है।