फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Singapore: सिंगापुर सरकार ने 4 भारतीयों को किया सम्मानित, जान जोखिम में डालकर बचाई थी बच्चों-वयस्कों की जिंदगी

Sat, 12 Apr 2025 06:41 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर।

सार

Singapore: सिंगापुर में जलती इमारत से बच्चों और वयस्कों की जान बचाने वाले चार भारतीय कामगारों को सम्मानित किया गया। सरकार ने उनकी बहादुरी के लिए उन्हें 'फ्रेंड्स ऑफ एसीई' पुरस्कार से सम्मानित किया। हादसे में 22 लोग फंसे थे, जिनमें एक बच्ची की मौत हो गई।
विज्ञापन
सिंगापुर सरकार ने भारतीय कामगारों को किया सम्मानित - फोटो : फेसबुक/सिंगापुर मानव शक्ति मंत्रालय
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सिंगापुर सरकार ने चार भारतीय प्रवासी कामगारों को आग से जलते एक शॉपहाउश से बच्चों और वयस्कों की जान बचाने के लिए सम्मानित किया है। इस हादसे में कुल 16 बच्चे और छह वयस्क फंसे हुए थे। 

विज्ञापन


ये चार बहादुर भारतीय इंदरजीत सिंह, सुब्रमण्यन शरणनराज, नागराजन अंबरासन और सिवासामी विजयाराज हैं। इन सभी को सिंगापुर के श्रम मंत्रालय के एसीई (आश्वासन, देखभाल और सहभागिता) ग्रुप की ओर से 'फ्रेंड्स ऑफ एसीई' सम्मान दिया गया, जो प्रवासी कामगारों की भलाई के लिए काम करता है।

क्या हुआ था?
आठ अप्रैल की सुबह जब इन कामगारों ने पास की इमारत से बच्चों की चीखें सुनीं और धुआं निकलते देखा, तो वे तुरंत हरकत में आ गए। उन्होंने अपने निर्माण स्थल से मचान और सीढ़ी उठाई और सामने की इमारत में फंसे बच्चों को बचाने पहुंच गए। यह शॉपहाउस बच्चों के लिए कुकिंग कैंप चलाता है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: व्हाइट में हाउस में लगी ट्रंप पर हमले वाली नई पेटिंग, दूसरी दीवार पर लगाई गई ओबामा की तस्वीर

किस तरह बचाया?
कामगारों ने बच्चों को खिड़की के बाहर की मुंडेर पर खड़ा किया गया। इसके बाद मानव श्रृंखला  बनाकर बच्चों को एक-एक कर नीचे सुरक्षित उतारा। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना सुरक्षा उपकरण के ही उन्हें बचाया। सिर्फ 10 मिनट में उन्होंने सिंगापुर सिविल डिफेंस फोर्स (एससीडीएफ) के पहुंचने से पहले ही 10 बच्चों की जान बचा ली थी। 

कामगारों ने क्या कहा
तमिलनाडु के रहने वाले सुब्रमण्यन शरणराज ने कहा, हमारे भी बच्चे हैं। अगर हमारे बच्चे फंसे होते तो क्या हम चुपचाप देखते रहते?  उनके साथी नागराजन अंबरासन ने भी कहा,जब बच्चों को तकलीफ में देखा तो हमसे सहन नहीं हुआ। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: 'एकतरफा दबाव की अमेरिकी नीति का मिलकर विरोध करें', US पर 125% टैरिफ लगाने के बाद EU से बोला चीन

हादसे में एक बच्ची की मौत
दुर्भाग्यवश, आग में झुलसी एक 10 साल की ऑस्ट्रेलियाई बच्ची की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।

आग कैसे लगी?
आग तीन मंजिला शॉपहाउस (ग्राउंड फ्लोर पर दुकान और ऊपर मकान) के दूसरे माले पर बने एक स्टोरेज एरिया से शुरू हुई थी। जांच में पता चला कि इमारत में फायर सेफ्टी के कई नियमों का उल्लंघन किया गया था, जैसे कि बिना अनुमति के अंदर दीवारें खड़ी करना।  इस शॉपहाउस की केवल पहली मंजिल ही बच्चों के उपयोग के लिए थी, जबकि ऊपर की दो मंजिले और अटारी सिर्फ आवासीय उपयोग के लिए थे।


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें