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Singapore: राजनीतिक कार्टूनों की किताब पर सिंगापुर ने लगाया प्रतिबंध, धर्मों का अपमान करने का आरोप

Wed, 12 Jan 2022 04:32 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर

सार

राजनीतिक कार्टूनों की एक किताब पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली सामग्रियां होने का कारण देते हुए सिंगापुर की सरकार ने इस पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है।
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Book - फोटो : Pixabay
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विस्तार
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सिंगापुर की सरकार ने कार्टूनों की एक किताब पर इसकी आपत्तिजनक सामग्री की वजह से प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है। यहां की सरकार ने बुधवार को अपने इस निर्णय का बचाव करते हुए दलील दी कि इस किताब में ऐसी आपत्तिजनक सामग्रियां मौजूद हैं जो कई धर्मों और धार्मिक शख्सियतों के लिए अपमानजनक हैं।

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यहां के समाज एवं परिवार विकास मंत्री मासागोस जुल्किफली ने बुधवार को संसद को बताया कि 'रेड लाइन्स: पॉलिटिकल कार्टून्स एंड दि स्ट्रगल अगेन्स्ट सेंसरशिप' नामक किताब में इस्तेमाल की गई तस्वीरें मुसलमानों के लिए आपत्तिजनक हैं, भले ही उन्हें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता या किसी अन्य नाम से प्रकाशित किया गया हो।

सरकार ने खारिज किया किताब के लेखकों का दावा, बताया है अपमानजनक
जुल्फिकली के पास मुस्लिम मामलों के मंत्रालय का भी प्रभार है। उन्होंने कहा, 'किताब में अन्य धर्मों के प्रति अपमानजनक तस्वीरें भी मौजूद हैं। लेखक यह कह सकता है कि इनका प्रकाशन किसी को अपमानित करने के लिए नहीं किया गया बल्कि शिक्षित करने के लिए किया गया है, लेकिन हमारी सरकार इसको खारिज करती है।'
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भारतीय मूल के चेरियन जॉर्ज और ग्राफिक नोवेलिस्ट सोनी लियू की है किताब
हांगकांग की बैप्टिस्ट यूनिवर्सिटी में मीडिया स्टडीज के प्रोफेसर चेरियन जॉर्ज और ग्राफिक नोवेलिस्ट सोनी लियु की इस किताब का अमेरिका जैसे देशों में का वितरण पहले ही शुरू किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि प्रो. चेरियन जॉर्ज भारतीय मूल के मीडिया विशेषज्ञ हैं और दुनियाभर के राजनीतिक कार्टूनों का परीक्षण करते हैं।

अगस्त में हुआ था किताब का प्रकाशन, सिंगापुर में बिक्री-वितरण पर प्रतिबंध
वहीं, इन्फोकॉम मीडिया डेवलपमेंट प्राधिकरण (आईएमडीए) ने नवंबर में कहा था कि इस किताब को सिंगापुर में बेचने या वितरित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। किताब का प्रकाशन पिछले साल अगस्त में हुआ था। प्राधिकरण ने कहा था कि किताब को अवांछनीय प्रकाशन अधिनियम के तहत आपत्तिजनक श्रेणी में रखा गया है।

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