सिंगापुर की अदालत ने कोरोना से पीड़ित 46 साल के एक भारतीय श्रमिक की मौत को आत्महत्या करार दिया है। भारतीय की करीब पांच माह पहले यहां एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
‘स्ट्रेट्स टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने मौत को आत्महत्या करार देते हुए अस्पताल की उस रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि श्रमिक की मौत न तो ‘अनुमानित और न ही रोके जाने योग्य’ थी। तमिलनाडु निवासी अलगू पेरियाकरूपन को 19 अप्रैल को खू टेक पुआत अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन पांच दिन बाद वह अस्पताल की सीढ़ियों पर बेहोश मिले थे।
अदालत ने कहा कि अलुगु के सहायक तमिल भाषी थे और उनके साथ बातचीत करने में समर्थ थे। अलगू ने बातचीत के दौरान अपनी वित्तीय स्थिति और भारत में बच्चों को लेकर चिंता जताई थी।