तीन वर्षीय दत्तक बेटी शेरीन मैथ्यूज की मौत की आरोपी मां शिनी मैथ्यूज को डलास की एक स्थानीय अदालत ने सुबूतों के अभाव में जेल से रिहा कर दिया गया है। शिनी पिछले 15 महीनों से जेल में थी। आरोप सही पाए जाने पर शिनी को 2 से 20 साल की जेल की सजा हो सकती थी। वहीं इस मामले में शिनी के पती वेस्ले मैथ्यूज की सुनवाई मई में होगी। शिनी और वेस्ले मैथ्यूज ने शेरीन को साल 2016 में गोद लिया था। साल 2017 में डलास के बाहरी इलाके में शेरिन मृत मिली थी। उसका शव मिलने के दो सप्ताह पहले ही मैथ्यूज दंपती ने उसके लापता होने की रिपोर्ट लिखाई थी।
केरल मूल के अमरीकी निवासी मैथ्यूज दंपती ने बिहार के अनाथालय से शेरिन को गोद लिया था। शिनी पर आरोप लगा था कि वह और उनके पति अपनी गोद ली हुई बेटी शेरिन को घर में अकेले छोड़कर रात्रिभोज में गए थे। इस दौरान उनकी चार वर्षीय बेटी उनके साथ थी। घर लौटने पर उन्होंने शेरिन के लापता होने की रिपोर्ट लिखाई थी।
उधर मासूम की हत्या के आरोप और सुबूतों से छेड़छाड़ करने के आरोपी वेस्ले मैथ्यूज की सुनवाई मई में होगी। दरअसल वेस्ले ने शुरुआत में पुलिस को बताया था कि उसने तड़के तीन बजे शेरिन को दूध खत्म न करने पर घर के बाहर खड़े होने की सजा दी थी,लेकिन जब वह उसे लेने बाहर आया तो वह लापता थी। बाद में उसने अपने बयान से पलटते हुए कहा था कि शेरिन के गले में दूध अटकने से उसकी मौत हुई और उसने एक पुलिया के पास उसके शव को फेंक दिया था।