सच ज्यादा दिनों तक छिपाया नहीं जा सकता। भारत के खिलाफ साजिश में मदद करने को लेकर आरोपों का सामना कर रहे तुर्किये और चीन कितना भी नकार लें, लेकिन अब सच सबके सामने आ गया है। इसका खुलासा खुद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने किया है। शरीफ की करतूतों से तुर्किये बेनकाब हो गया है। उन्होंने तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन को शुक्रिया कह सबकुछ उजागर कर दिया है।
दरअसल, एर्दोगन ने शहबाज के साथ इस्तांबुल में मुलाकात की। बातचीत पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव बढ़ने के कुछ ही सप्ताह बाद हुई। शहबाज ने भारत के खिलाफ दृढ़ समर्थन के लिए एर्दोगन को धन्यवाद दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर शहबाज ने लिखा, 'इस्तांबुल में अपने प्रिय भाई राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन से मिलने का मौका मिला। हाल ही में पाकिस्तान-भारत गतिरोध में पाकिस्तान को उनके दृढ़ समर्थन के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।'
शहबाज ने आगे लिखा, 'पाकिस्तान के लोगों की ओर से अपने तुर्किये के भाइयों और बहनों के प्रति आभार व्यक्त किया। हमने अपने बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों, खात तौर पर व्यापार और निवेश में चल रही प्रगति की भी समीक्षा की। भाईचारे और सहयोग के अटूट बंधनों को और मजबूत करने के लिए मिलकर काम करना जारी रखने के अपने संकल्प को दोहराया।'
एर्दोगन का जवाब
तुर्किये के राष्ट्रपति कार्यालय के एक बयान के मुताबिक, बैठक का मकसद दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करना था। ऊर्जा, व्यापार, परिवहन और रक्षा क्षेत्रों में मतबूत होते रिश्तों को और आगे ले जाना था। एर्दोगन ने खुफिया जानकारी साझा करने और आतंकवाद विरोधी जैसे क्षेत्रों में तुर्किये-पाकिस्तान के बीच सहयोग के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करना जारी रखना चाहिए।
शरीफ के पोस्ट के जवाब में राष्ट्रपति एर्दोगन ने लिखा, 'हमने उनके साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। खासकर अर्थव्यवस्था, व्यापार और सुरक्षा पर। हमने तुर्किये और पाकिस्तान के बीच हर क्षेत्र में गहरे ऐतिहासिक, मानवीय और राजनीतिक संबंधों को मजबूत करने की अपनी इच्छा को ढृढ़ किया। जैसा कि मेरे प्यारे भाई शहबाज ने कहा, हमने अपने देश और लोगों के बीच अटूट संबंधों, सहयोग, एकजुटता और भाईचारे को और मजबूत किया है। मैं शरीफ के माध्यम से अपने पाकिस्तानी भाइयों को अपना हार्दिक प्यार व्यक्त करता हूं।'
5 बिलियन डॉलर का व्यापार लक्ष्य
बैठक के बाद तुर्किये के संचार निदेशालय ने एक बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि बैठक के दौरान राष्ट्रपति एर्दोगन ने कहा कि तुर्किये और पाकिस्तान अपने संबंधों को आगे बढ़ाने और पांच बिलियन डॉलर के व्यापार लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कदम उठाना जारी रखेंगे।
एर्दोगन ने पाकिस्तान की नापाक हरकतों का समर्थन किया
भारत के साथ संघर्ष बढ़ने के बाद एर्दोगन ने पाकिस्तान का समर्थन किया। 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने पर्यटकों पर हमला किया। आतंकियों ने 25 भारतीय नागरिक और एक नेपाली नागरिक की नृशंस हत्या कर दी। भारत ने पाकिस्तान पर इस हमले की साजिश रचने का, आतंकियों को पनाह देने का और उनकी मदद करने का आरोप लगाया। पाकिस्तान ने इसका खंडन किया। पाकिस्तान ने पहलगाम हमले की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की। एर्दोगन ने इसका भी समर्थन किया। जवाब में भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर स्ट्राइक की। इससे बौखलाए पाकिस्तान ने भारत में नागरिकों और सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले की कोशिश की। भारत ने उसके हर मंसूबों पर पानी फेरा। पाकिस्तान ने जिन ड्रोन का इस्तेमाल किया, वह तुर्किये में बनाए गए थे। चार दिन के संघर्ष के बाद 10 मई को दोनों पक्ष संघर्ष विराम पर सहमत हुए।