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Politics: 'SIR से बंगाल में भाजपा की जीत और केरल में कांग्रेस को हुआ फायदा', शशि थरूर का चौंकाने वाला दावा

Mon, 11 May 2026 08:03 AM IST
अमन तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

शशि थरूर ने पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा की जीत पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि लाखों असली वोटरों के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए, जिसकी वजह से बंगाल में भाजपा को जीत मिली। वहीं, केरल में फर्जी वोटरों के नाम हटने से उन्होंने कांग्रेस को फायदा होने की बात कही।
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कांग्रेस सांसद शशि थरूर - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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सैन फ्रांसिस्को में आयोजित 'स्टैनफोर्ड इंडिया कॉन्फ्रेंस' में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पश्चिम बंगाल की चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने का चुनाव के नतीजों पर गहरा असर पड़ा। थरूर ने 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) का हवाला देते हुए कहा कि बंगाल में करीब 91 लाख नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए थे।
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क्या बोले थरूर?
स्टैनफ़ोर्ड इंडिया कॉन्फ्रेंस के दौरान 'इंडिया, दैट इज़ भारत' राउंडटेबल में बोलते हुए थरूर ने कहा, सूची से जिन 91 लाख लोगों के नाम हटाए गए उसमें से लगभग 34 लाख लोगों ने अपील की थी। उन्होंने दावा किया था कि वे असली वोटर हैं और उन्हें वोट देने का हक है। नियमों के मुताबिक हर मामले की अलग से जांच होनी थी। लेकिन वोटिंग शुरू होने से पहले केवल कुछ सौ मामलों का ही निपटारा हो सका। इस वजह से लगभग 31 से 32 लाख लोग वोट देने से वंचित रह गए। थरूर ने ध्यान दिलाया कि भाजपा ने बंगाल चुनाव 30 लाख वोटों के अंतर से जीता है। यह अंतर उन लोगों की संख्या के लगभग बराबर है जिनकी अपील पर फैसला नहीं हो पाया। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और लोकतांत्रिक है?

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केरल चुनाव का भी किया जिक्र
थरूर ने स्पष्ट किया कि उन्हें फर्जी या प्रवासी वोटरों के नाम हटाने से कोई परेशानी नहीं है। लेकिन असली वोटरों को मौका न मिलना चिंता का विषय है। इसके साथ ही उन्होंने केरल का भी जिक्र किया। थरूर ने कहा कि केरल में मतदाता सूची की सफाई से कांग्रेस को फायदा हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां सीपीएम लंबे समय से एक ही व्यक्ति का नाम कई बूथों पर दर्ज कराने में माहिर थी। SIR के कारण ऐसे फर्जी नाम हटा दिए गए। उन्होंने बताया कि केरल और तमिलनाडु में बंगाल की तुलना में बहुत कम अपीलें हुईं।
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बता दें कि 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। भाजपा ने 207 सीटें जीतकर तृणमूल कांग्रेस का 15 साल पुराना शासन खत्म कर दिया। इस चुनाव में टीएमसी को केवल 80 सीटें मिलीं। बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनी है और सुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की कमान संभाली है। थरूर ने इन्हीं नतीजों और मतदाता सूची में गड़बड़ी के बीच संबंध होने का शक जताया है।

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