भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने शनिवार को नीदरलैंड के रक्षा प्रमुख ओनो आइचेल्सहाइम से मुलाकात की। दोनों ने द्विपक्षीय वार्ता भी की। तीन दिवसीय शांगरी-ला संवाद के दूसरे दिन यह मुलाकात हुई।
रक्षा मंत्रालय के जनसंपर्क निदेशालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इसकी जानकारी दी। बताया कि बैठक के दौरान भारत और नीदरलैंड के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के विभिन्न उपायों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने सैन्य आदान-प्रदान कार्यक्रमों और द्विपक्षीय प्रशिक्षण अभ्यासों के माध्यम से सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।
वार्ता में रक्षा क्षेत्र में साझेदारी को और गहरा करने तथा दोनों देशों की सशस्त्र सेनाओं के बीच तालमेल और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।
इससे पहले राजेश कुमार सिंह ने यूरोपीय बाह्य कार्रवाई सेवा (ईईएएस) की महासचिव बेलेन मार्टिनिज कॉर्नबोनेल और यूरोपीय संघ सैन्य समिति के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल एनरिको बर्दुआनी के साथ भी बातचीत की।
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रक्षा मंत्रालय के जनसंपर्क निदेशालय ने बताया कि इस बैठक में भारत और यूरोपीय संघ के बीच रणनीतिक संवाद को आगे बढ़ाया गया। चर्चा में साझा सुरक्षा हितों और रक्षा तथा रणनीतिक सहयोग को और गहरा करने के अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर जोर दिया।
29 मई को सिंह ने उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की सैन्य समिति के प्रमुख एडमिरल ज्यूसेपे कैवो ड्रैगन और अमेरिका की हिंद-प्रशांत कमान के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे पैपारो से भी मुलाकात की थी। इस दौरान सैन्य सहयोग बढ़ाने, रणनीतिक बातचीत को मजबूत करने, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझेदारी मजबूत करने और नई सुरक्षा चुनौतियों से निपटने पर चर्चा हुई थी।
सिंगापुर में आयोजित हो रहे शांगरी-ला संवाद में कई देशों के रक्षा मंत्री, सैन्य प्रमुख, और नीति निर्माता शामिल हुए हैं। यहां बड़े स्तर पर चर्चा सत्रों के साथ-साथ अलग-अलग देशों के प्रतिनिधियों के बीच द्विपक्षीय बैठकें भी हो रही हैं। इस मंच पर एशिया-प्रशांत, उत्तरी अमेरिका, यूरोप, पश्चिम एशिया और अन्य क्षेत्रों के नीति-निर्माता क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों और उनसे निपटने की रणनीतियों पर चर्चा करते हैं।