पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी (फाइल फोटो)
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पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से लड़ रहे विकासशील देशों को कर्ज से राहत देने की वैश्विक पहल के लिए चीन का समर्थन मांगने के लिए चीन के अपने समकक्ष वांग यी से फोन पर बातचीत की।
बुधवार को विदेश कार्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि कुरैशी ने इस बात को रेखांकित किया कि कोविड-19 का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर विनाशकारी प्रभाव पड़ा है और इसके बाद के नतीजे अधिक गंभीर होंगे। उन्होंने कहा कि विकासशील देशों पर इसका प्रभाव बहुत गंभीर पड़ा है।
कुरैशी ने कहा कि इन कारकों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री इमरान खान ने वैश्विक समुदाय से अपील की है कि वह विकासशील देशों को ऋण राहत प्रदान करने के लिए काम करने की अपील की थी। विदेश मंत्री ने इस पहल के लिए चीन से जी-20 मंच समेत अन्य मंचों पर समर्थन मांगा।
जी-20 देशों के समूह ने बुधवार को दुनिया के सबसे गरीब देशों को कर्ज में अस्थायी राहत देने की घोषणा की थी क्योंकि वह कोरोना वायरस से निपटने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के जी -20 समूह के वित्त मंत्रियों जिसमें अमेरिका, चीन, भारत और अन्य देश शामिल हैं उन्होंने कहा कि वे तुरंत गरीब देशों द्वारा कर्ज अदायगी पर अस्थायी रोक लगाते हैं।
कुरैशी ने वांग के साथ बातचीत के दौरान कहा कि पाकिस्तान और चीन सदाबहार सामरिक सहकारी भागीदार हैं और उन्होंने एकजुटता, आपसी सहायता और आपसी सहयोग की उम्दा परंपरा को संरक्षित रखा है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस पर नियंत्रण लगाने के लिए चीन द्वारा पाकिस्तान को दी दान राशि तथा सहायता के लिए पाकिस्तान तथा उसकी आवाम आभार जताती है।
वांग ने चीन से बात करने के लिए कुरैशी को धन्यवाद दिया और आश्वासन दिया कि चीन जी-20 मंच के साथ-साथ अन्य प्रासंगिक मंचों पर भी इस पहल का समर्थन करेगा। उन्होंने कहा कि कोविड-19 ने वैश्विक आर्थिक और स्थिरता के लिए बहुत खतरा पैदा किया है और इससे निपटने के लिए समन्वित और समान प्रयासों की आवश्यकता है।