अमेरिका के कई जिलों में कैदी महिलाओं को बेहद खौफनाक सजा दी जाती है। इन जिलों में महिलाओं को जंजीरों से बांधकर रखा जाता है। केवल सामान्य स्थिति में ही नहीं बल्कि प्रसव से जूझ रही महिलाओं के साथ भी यही व्यवहार होता है। लेकिन अब उटा समेत चार राज्य इस यातना पर रोक लगाने जा रहे हैं। ये फैसला मिशेल अलदाना के आवाज उठाने के बाद लिया गया है।
मिशेल खुद ये पीड़ा भुगत चुकी हैं, जिसके बाद उन्होंने अन्य महिलाओं को इस हिंसा से बचाने के लिए आवाज उठाई। साल 2001 में मिशेल ड्रग मामले में उटा की एक जेल में बंद थीं। उसी दौरान उन्होंने अपने पहले बच्चे को जन्द दिया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मिशेल 30 घंटे तक दर्द से कराहती रही थीं। उनके पैरों को जंजीरों से बांधा गया था। दर्द के कारण पैर रगड़ने से उनकी एड़ियों से भी खून आने लगा था। लेकिन बावजूद इसके उनकी जंजीरों को खोला नहीं गया। मिशेल के इस यातना के खिलाफ आवाज उठाने के बाद से अमेरिका के 22 राज्य इसपर रोक लगा चुके हैं।