अमेरिका के अटलांटा क्षेत्र में तीन मसाज पार्लर में एक घंटे से अधिक समय तक सिलसिलेवार गोलीबारी में आठ लोगों की हत्या करने के मामले में गिरफ्तार 21 वर्षीय श्वेत युवक रॉबर्ट ऐरोन लांग को आरोपी बनाया गया है। कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने इस मुद्दे पर कहा कि गोलीबारी की यह घटना यौन उत्पीड़न की तरफ इशारा कर रही है।
हालांकि अधिकारियों ने अब भी कहा है कि यह मामला नस्ली घृणा से प्रेरित दिखाई नहीं दे रहा है इसलिए इस पर जल्दबाजी में कुछ नहीं कहा जा सकता है। दूसरी तरफ, इस घटना के बाद से एशियाई-अमेरिकी समुदाय भयभीत है क्योंकि समुदाय के लोगों को कोरोना महामारी के कारण लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
जांचकर्ता रॉबर्ट की गिरफ्तारी के बाद यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उसने ऐसा क्यों किया। लांग ने पुलिस को बताया है कि यह नस्ली हमला नहीं था बल्कि इसकी वजह ‘यौनिच्छा’ थी।
अधिकारियों का कहना है कि उसने उन लोगों पर हमला किया जो उसके मुताबिक लालसा की वजह थीं। लेकिन हमलों के शिकार आठ लोगों में से छह एशियाई मूल की महिलाएं होने तथा हमले के स्थल के कारण इन बयानों पर संदेह जताया जा रहा है।
पॉर्न इंडस्ट्री पर हमला करने जा रहा था
अधिकारियों ने कहा कि उन्हें यह नहीं पता कि लांग पहले कभी उन मसाज पार्लर में गया था या नहीं जहां गोलीबारी हुई, लेकिन यह जरूर पता है कि वह ‘एक प्रकार की पॉर्न इंडस्ट्री’ पर हमला करने फ्लोरिडा जा रहा था। जन प्रतिनिधि बी. ग्यूयेन ने कहा कि गोलीबारी की घटना की वजह ‘लैंगिक हिंसा, स्त्री जाति से द्वेष तथा विदेशी लोगों से खौफ’ लगती है।
हिंसक कट्टरपंथ, नस्ली भेदभाव से अमेरिका को खतरा : रिपोर्ट
अमेरिका के खुफिया अधिकारियों ने एक रिपोर्ट में कहा है कि हिंसक कट्टरपंथ तथा नस्ली भेदभाव से देश को खतरा बढ़ गया है। यह रिपोर्ट दो महीने पूर्व अमेरिकी संसद भवन में हिंसक भीड़ के हमले की पृष्ठभूमि में तैयार की गई है।
सीनेट में खुफिया समिति के अध्यक्ष एवं कैलिफोर्निया से जन प्रतिनिधि एडम शिफ ने कहा, आज की रिपोर्ट बताती है कि नस्ली व जातीय प्रेरित हिंसक कट्टरपंथियों, खासकर श्वेतों को श्रेष्ठ मानने वालों से हमें कितना बड़ा खतरा है। खुफिया अधिकारियों ने रिपोर्ट में कहा है कि ऐसे कट्टरपंथी जो हिंसा को अंजाम दे सकते हैं वे विभिन्न तरह की विचारधाराओं से प्रेरित हैं।