उत्तरी मॉस्को के एक अंधेरे फिल्म स्टूडियो में एक अभिनेत्री पागल की तरह भाग रही है। उसकी भावनाएं बेकाबू हैं। आंखें फटी और सांस फूल रही है। वह जोर से चीखती है। माइक्रोफोन के जरिए भावुक पंक्तियां बोल रही है।
वह रूस के आखिरी जार पर बन रही फिल्म में मुख्य महिला किरदार निभा रही हैं। इस फिल्म को रूस के जाने-माने निर्देशक अलेक्सी उचितो बना रहे हैं। अलेक्सी पास की गैलरी में अभिनेत्री के अभिनय की निगरानी कर रहे हैं। जब तक अलेक्सी संतुष्ट नहीं हो जाते हैं तब तक अभिनेत्री लाइनें दोहराती रहती हैं।
फिल्म का नाम 'मटिल्डा' है। इस फिल्म के रिलीज होने से पहले विवाद पैदा हो गया है। यहां के रूढ़िवादी इस फिल्म पर कड़ी आपत्ति जता रहे हैं। इनका कहना है कि यह फिल्म ईश निंदा के दायरे में है। इन्होंने इसी तर्क के आधार पर फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
यहां तक कि अतिवादियों के एक समूह ने सिनेमाघरों को सैकड़ों पत्र भेजे हैं। इन्होंने चिट्ठियों के जरिए धमकी दी है कि यदि इस फिल्म को प्रदर्शित करने का साहस दिखाया तो थियेटर में आग लगा दी जाएगी। रूस के एक प्रवक्ता ने इसे अस्वीकार्य बताया है। पुलिस को फिल्म के निर्देशक अलेक्सी की जांच करने के लिए कहा गया है।
'मटिल्डा' को लेकर कट्टरपंथियों का कला पर यह सबसे ताजा हमला है। रूस में इस तरह का प्रचलन बढ़ रहा है। कला से जुड़े सीनियर हस्तियों ने चेतावनी दी है कि रूस फिर से पुराने दौर में लौट रहा है जहां पाबंदी जैसी चीजें काफी लोकप्रिय थीं।
फिल्म रूस के आखिरी जार और डांसर 'मटिल्डा' की प्रेम कहानी पर आधारित है
यह फिल्म रूस के आखिरी जार और डांसर 'मटिल्डा' की प्रेम कहानी पर आधारित है। यह कहानी निकोलस की शादी और सिंहासन पर काबिज होने से पहले की है। इंपीरियल बैले स्कूल से ग्रैजुएशन प्रस्तुति के बाद इनकी मुलाकात हुई थी। इस डांसर ने खुद ही लिखा था कि पहली नजर में ही दोनों एक दूसरे को भा गए थे। लेकिन 2000 में निकोलस II को रूढ़िवादी चर्च ने संत घोषित कर दिया। ऐसे में फिल्म का विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि निकोलस के निजी जीवन की चीजों को बाहर लाना उनका अपमान होगा।
'मटिल्डा' की रिलीज रोकने के लिए कैंपेन चला रहीं रूसी युवा सांसद नतालिया ने कहा, ''आप संत को छू नहीं सकते। आप यह नहीं दिखा सकते कि वह सेक्स कर रहे हैं क्योंकि इससे धर्मावलंबियों की आस्था पर चोट पहुंचेगी। नतालिया का ऑफिस आखिरी जार के पोस्टर से सजा है। नतालिया के ऑफिस में शिकायतों का अंबार लग रहा है। हर दिन फिल्म को रोकने के लिए शिकायतों की तादाद बढ़ती जा रही है।
नतालिया ने कहा, ''यह कोई सेंसरशिप नहीं है। यह लोगों के अधिकारों के उल्लंघन का मामला है। वह फिल्म को बैन करने की अपनी मांग का बचाव कर रही हैं। उन्होंने कहा कि कला की स्वतंत्रता की भी एक सीमा है। आप दूसरों के अधिकारों का हनन नहीं कर सकते। हालांकि पिछले साल भी कट्टरवादी कार्यकर्ताओं ने एक म्यूजिक कार्यक्रम को बंद करवा दिया था। इससे पहले एक ओपेरा को बैन कर दिया गया था और इसके निर्देशक को बर्खास्त कर दिया गया था।
फिल्म को बनाने के लिए सरकार से फंड भी मिला है
एक ग्रुप खुद को 'ईसाई स्टेट' और 'होली रूस' कहता है और वह इस अभियान में लगा है। रूसी प्रशासन का भी कहना है कि लोग फिल्म से नाराज हैं। पिछले साल सितंबर में सैन्य वर्दी में कुछ पुरुषों ने एक अमरीकी फोटोग्राफर की प्रदर्शनी को रोक दिया था।
इन्होंने प्रदर्शनी को अश्लील करार दिया था। जहां प्रदर्शनी थी वहां एक प्रदर्शनकारी ने दीवारों पर पेशाब फेंक दिया था। वह ऐसा करते हुए बोल रहा था कि रूसी संस्कृति का पालन करना होगा और यह सब नहीं चलेगा। रूस में इस तरह के हमलों में बढ़ोतरी हुई है।
फिल्म के निर्देशक अलेक्सी ने पूरे विवाद पर कहा, ''इस फिल्म को बनाने के लिए सरकार से फंड मिला है। इसकी पटकथा की जांच भी की गई थी।'' उन्होंने इस बात से इनकार किया कि 'मटिल्डा' में निकोलस को किसी भी तरह अपमानित किया गया है।
उन्होंने कहा, ''हां, निकोलस II और उनके परिवार वाले संत थे, लेकिन इसका मतलब यह नहीं हुआ कि दुर्भाग्य से उनके मारे जाने के पहले हम उनके जीवन पर बात नहीं कर सकते।''
'मटिल्डा' इसी साल अक्टूबर में रिलीज होनी है। इस साल जारशाही के खत्म होने की शताब्दी मनाई जा रही है। लेकिन फिल्म को लेकर छिड़ा विवाद अभी जारी है और ये रूस में कला की अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर एक उदाहरण भी बनता जा रहा है।