पाकिस्तान सुरक्षा बल (सांकेतिक तस्वीर)
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पाकिस्तान में दक्षिण वजीरिस्तान क्षेत्र में शनिवार तड़के इस्लामी आतंकवादियों के एक बड़े हमले में 16 सुरक्षाकर्मियों को मार डाला। देश के उत्तर-पश्चिमी प्रांत में इस्लामी लड़ाकों ने सुरक्षा बलों पर अपने हमले पिछले कुछ माह में बढ़ा दिए हैं। पुलिस उपाधीक्षक हिदायत उल्लाह ने बताया कि सुरक्षा बलों की चौकी पर हुए हमले में अन्य आठ कर्मी घायल हुए हैं। क्षेत्र में फिलहाल सघन तलाशी अभियान चल रहा है। उधर आतंकी समूह ने घटना में 35 सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने का दावा किया है।
बताया गया कि हमलावरों ने हल्के और भारी हथियारों का इस्तेमाल किया था। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी), जिसे पाकिस्तान तालिबान के नाम से भी जाना जाता है, ने हमले की जिम्मेदारी ली है। उसने पिछले माह में किए गए बड़े हमलों की कड़ी में एक यह हमला भी है जिसमें उसने दहाई संख्या से अधिक सुरक्षाकर्मियों को मारा है। इस बीच टीटीपी ने एक व्हाट्सएप चैनल प्रसारण में दावा किया कि इस हमले में कम से कम 35 सुरक्षाकर्मी मारे गए और 15 घायल हो गए हैं। उसने यह नहीं बताया कि उसका कोई लड़ाका मारा गया है या नहीं। टीटीपी यहां विभिन्न सुन्नी इस्लामी आतंकवादी समूहों का एक छत्र समूह है जो यह लंबे समय से सरकार को उखाड़ फेंकने और इसकी जगह एक सख्त इस्लामी नेतृत्व वाली शासन प्रणाली लाने के लिए लड़ रहा है। यह अफगान तालिबान से अलग है, लेकिन इस्लामी समूह के प्रति वफादारी की प्रतिज्ञा करता है। टीटीपी ने कहा कई घायल गंभीर हैं इसलिए मृतक संख्या बढ़ेगी।
टीटीपी से वार्ता के पक्ष में गंडापुर
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर ने कहा है कि अफगानिस्तान में मौजूद तालिबान सरकार के साथ बातचीत के जरिये ही क्षेत्र में शांति और सुरक्षा संभव है। पीटीआई नेता गंडापुर तालिबान संगठन टीटीपी के साथ वार्ता के पक्ष में हैं। लेकिन इस घटना ने पीएम शहबाज शरीफ को क्षेत्र में टीटीपी पर कार्रवाई के लिए रास्ता दिया है। हालांकि यहां पहले से ही सेना का अभियान तालिबान के खिलाफ चल रहा है।
तालिबान से मिलीभगत का आरोप
पाकिस्तान में खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत में टीटीपी ने पाकिस्तानी सेना की नाक में दम कर रखा है। यहांं होने वाले अधिकांश हमलों के लिए यही आतंकी संगठन जिम्मेदार रहा है। टीटीपी पर अफगानिस्तान में तालिबान शासन द्वारा शरण मिलने और मिलीभगत के आरोप लगते रहे हैं। इन पर नियंत्रण के उपाय जारी हैं।
9 मई के दंगों पर सैन्य अदालत ने सुनाई 25 नागरिकों को सजा
पाकिस्तान की सैन्य अदालतों ने गत वर्ष मई में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद भड़के दंगों के दौरान सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला करने के लिए 25 नागरिकों को दो से 10 साल तक की जेल की सजा सुनाई है। 9 मई, 2023 को खान की पार्टी (पीटीआई) के समर्थकों ने भ्रष्टाचार केस में उनकी गिरफ्तारी के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए रावलपिंडी में सेना मुख्यालय और फैसलाबाद में आईएसआई भवन सहित कई सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला किया था।