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Pakistan: 9 मई के दंगों के मामले में 25 नागरिकों को सुनाई गई सजा, पाकिस्तान की सैन्य अदालत का बड़ा फैसला

Sat, 21 Dec 2024 04:19 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

 9 मई 2023 को, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के समर्थकों ने भ्रष्टाचार के एक मामले में पार्टी के संस्थापक इमरान खान की गिरफ्तारी के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए रावलपिंडी में सेना मुख्यालय और फैसलाबाद में आईएसआई के भवन समेत कई सैन्य प्रतिष्ठानों पर कथित तौर पर हमला किया था।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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विस्तार
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पाकिस्तान की सैन्य अदालतों ने पिछले साल मई में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद भड़के दंगों के दौरान सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला करने के लिए 25 नागरिकों को दो से 10 साल तक की जेल की सजा सुनाई है। 9 मई 2023 को, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के समर्थकों ने भ्रष्टाचार के एक मामले में पार्टी के संस्थापक इमरान खान की गिरफ्तारी के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए रावलपिंडी में सेना मुख्यालय और फैसलाबाद में आईएसआई के भवन समेत कई सैन्य प्रतिष्ठानों पर कथित तौर पर हमला किया था।
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'पाकिस्तान के इतिहास में एक काला अध्याय'
हालांकि इस मामले मे देश भर में छापेमारी में सैकड़ों संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया और सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमलों में शामिल होने के कारण कम से कम 103 को मुकदमे के लिए सैन्य अधिकारियों को सौंप दिया गया। इस मामले में सेना ने एक विस्तृत बयान में कहा कि 9 मई को राष्ट्र ने कई स्थानों पर 'राजनीतिक रूप से भड़काई गई हिंसा और आगजनी की दुखद घटनाओं को देखा, जो पाकिस्तान के इतिहास में एक काला अध्याय है' जब नफरत और झूठ के कथानक पर आधारित, सेना के प्रतिष्ठानों और शहीदों के स्मारकों पर राजनीतिक रूप से सुनियोजित हमले किए गए।

इसमें कहा गया है कि दोषियों को सैन्य सुविधाओं पर हमला करने के लिए दो से 10 साल तक की जेल की सजा सुनाई गई। इसमें 14 लोगों को 10 साल के कठोर कारावास की सजा मिली, जबकि अन्य को कम अवधि की सजा दी गई। सेना ने कहा कि शेष अभियुक्तों की सजा का भी ऐलान किया जा रहा है और उचित प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी।
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'न्याय देने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर'
सेना ने इस घटनाक्रम को 'राष्ट्र को न्याय प्रदान करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर' बताया और उन सभी लोगों को एक कड़ा संदेश दिया जो निहित स्वार्थों की तरफ से शोषित हैं और उनके राजनीतिक प्रचार और मादक झूठ के शिकार हो गए हैं, कि वे भविष्य में कभी भी कानून को अपने हाथ में न लें। इसमें यह भी कहा गया कि कई अभियुक्तों पर कई आतंकवाद निरोधी अदालतों में मुकदमा भी चल रहा है और उनके मामलों को कानून के अनुसार आगे बढ़ाया जा रहा है। इसमें 'मास्टरमाइंड' को दंडित करने का इरादा दिखाया गया है, जिसमें कहा गया है कि 'न्याय तभी होगा जब 9 मई की त्रासदी के मास्टरमाइंड और योजनाकारों को संविधान और देश के कानून के अनुसार दंडित किया जाएगा।'

इन 25 लोगों को दी गई सजा
मई में हुए दंगों के मामले में जिन 25 लोगों को सैन्य अदालतों ने सजा सुनाई है, उनमें निम्न लोग शामिल हैं। इसमें जान मोहम्मद खान, मोहम्मद इमरान महबूब, राजा मोहम्मद अहसान, रहमतुल्लाह, अनवर खान को 10 साल की कैद की सजा सुनाई गई। जबकि अब्दुल हादी, अली शान, दाउद खान, उमर फारुक, बाबर जमाल, जिया उर रहमान, अदनान अहमद, शाकिर उल्लाह, अली इफ्तिखार को 10 वर्ष के कारावास की  सजा सुनाई गई। इसके अलावा मोहम्मद अफाक खान को नौ साल, दाउद खान को सात साल, फहीम हैदर को छह साल, जाहिद खान को चार साल, यासिर नवाज को दो साल, मोहम्मद हशीर खान को छह साल, मोहम्मद आशिक खान को चार साल, लईक अहमद को दो साल के कारावास की सजा सुनाई गई। 
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