पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिम खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में दो अलग-अलग खुफिया आधारित अभियानों में 15 आतंकवादी और चार सैनिक मारे गए। इनमें आतंकवादियों के प्रमुख नेता भी शामिल हैं। सेना की मीडिया शाखा आईएसपीआर ने यह जानकारी दी।
इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के मुताबिक, ये दोनों अभियान खुफिया जानकारी के आधार पर किए गए। दोनों अभियान डेरा इस्माइल खान और उत्तरी वजीरिस्तान जिलों में चलाए गए। डेरा इस्माइल खान में सुरक्षा बलों की आतंकवादियों से मुठभेड़ हुई। इसमें नौ आतंकवादी मारे गए, जिनमें प्रमुख लक्षित आतंवादी फरमान उर्फ साकिब, अमानुल्लाह उर्फ टोरी, सईद उर्फ लियाकत और बिलाल शामिल थे। ये सभी आतंकवादी क्षेत्र में कई आतंकवादी गतिविधियों में शामिल थे और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की वांटेड लिस्ट में थे।
दूसरा अभियान उत्तरी वजीरिस्तान जिले के मीरानशाह इलाके में चलाया गया, जहां सुरक्षा बलों ने छह आतंकवादियों को मार गिराया। हालांकि, इस मुठभेड़ में पाकिस्तानी सेना के लेफ्टिनेंट मुहम्मद हसन अशरफ और उनके तीन साथी सैनिक नायब सूबेदार मुहम्मद बिलाल, सिपाही फरहत उल्लाह और सिपाही हिम्मत खान मारे गए। आईएसपीआर के मुताबिक, इलाके में आतंवादियों को खत्म करने के लिए अभियान जारी है।
पाकिस्तानी सेना ने बताया कि पिछले साल कुल 59,775 अभियानों के दौरान 925 आतंकवादी और 383 सैनिक मारे गए। 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से पाकिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों में इजाफा हुआ है।
पाकिस्तान का आरोप है कि अफगान तालिबान ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान को समर्थन दिया है, जिसे कारण आतंकवादी हमलों में वृद्धि हुई है। 2024 को अब तक का सबसे खतरना साल माना जाता है, जिसमें 685 सैनिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
संबंधित वीडियो-