प्रदर्शन तब शुरू हुआ जब सैकड़ों कबायली लोग उस लड़की का शव लेकर सेना के बाघ-मैदान स्थित शिविर के बाहर जमा हो गए। उनका दावा था कि लड़की की मौत जखाखेल के पीर मेला इलाके में एक मोर्टार हमले में हुई थी। घटना में एक व्यक्ति गंभीर है।
पाकिस्तान के तिराह क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की की मौत को लेकर हुआ विरोध प्रदर्शन हिंसक होने से सात लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार यह घटना सोमवार को सामने आई। प्रदर्शन तब शुरू हुआ जब सैकड़ों कबायली लोग उस लड़की का शव लेकर सेना के बाघ-मैदान स्थित शिविर के बाहर जमा हो गए। उनका दावा था कि लड़की की मौत जखाखेल के पीर मेला इलाके में एक मोर्टार हमले में हुई थी। घटना में एक व्यक्ति गंभीर है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हालात तब बिगड़ गए जब कुछ गुस्साए युवकों ने स्थानीय बुजुर्गों की शांत रहने की अपील को नजरअंदाज कर दिया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने सेना शिविर के बाहर खड़ी एक खुदाई मशीन (एक्स्कावेटर) को आग लगा दी और मुख्य गेट को तोड़ने की कोशिश की। सैन्य सुरक्षा कर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए गोलीबारी की, जिसमें मौके पर ही छह लोगों की मौत हो गई व 17 अन्य घायल हो गए। बाद में एक और व्यक्ति ने दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या 7 हो गई। एक वीडियो में दिख रहा है कि प्रदर्शनकारी गेट पर पत्थर फेंक रहे हैं, एक्स्कावेटर में आग लगी हुई है, और उसके बाद गोलियों की आवाजें सुनाई देती हैं, जिससे लोग इधर-उधर भागने लगे। घायल पास के अस्पतालों में भर्ती कराए गए हैं।
चिंताएं गंभीरता से ली जाएंगी : सेना
कबायली बुजुर्गों ने घटना के बाद सैन्य अफसरों से शिविर में मुलाकात की। बातचीत के बाद प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक तितर-बितर हो गए। बुजुर्गों को भरोसा दिलाया कि उनकी चिंताओं को गंभीरता से लिया जाएगा। मृतकों और घायलों के परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की गई। खैबर पख्तूनख्वा सरकार ने भी आर्थिक सहायता की घोषणा की है। सरकार ने कहा है कि मृतकों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये और घायलों को 25 लाख रुपये दिए जाएंगे।