महानगरीय प्रहरी द्वारा एक युवती को तांत्रिक पूजा के बाद भारतीय क्षेत्र में बलि दिए जाने की योजना की शिकायत मिलने पर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों में एक नवलपरासी जिले का निवासी बताया गया। काठमांडू प्रहरी परिसर डीएसपी होविंद्र बोगटी ने पत्रकार वार्ता में घटना का खुलासा करते हुए बताया कि एक नेपाली युवती को नेपाल व भारतीय क्षेत्र में मॉडलिंग का प्रलोभन देकर उसे अच्छी रकम व शोहरत मिलने का झांसा दिया गया था।
इस प्रस्ताव को युवती मान ली और उसे तांत्रिक पूजा के लिए विराटनगर लाया गया। पूजा के बाद उसे भारतीय सीमा में ले जाने की तैयारी थी लेकिन युवती को कुछ अंदेशा हुआ और उसने इसकी शिकायत महानगरीय प्रहरी से की। शिकायत दर्ज करने के बाद प्रहरी टीम आरोपियों की हर गतिविधि पर नजर रखनी शुरू की। इस बीच यह बात सामने आई कि युवती को झांसा देकर उसे भारतीय क्षेत्र में बलि देने की योजना बनाई जा रही है।
डीएसपी के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे जालसाजी का धंधा करते हैं। जालसाजी का कोई बड़ा धंधा शुरू करने के लिए बिहार के एक तांत्रिक से मिले थे। धंधे में सफलता के लिए तांत्रिक ने उन्हें किसी युवती की बलि देने की बात कही थी, जिसके बाद यह कदम उठाया गया।
डीएसपी ने बताया कि इस आरोप में नवलपरासी निवासी कृष्ण तामाड, सप्तरी निवासी उमेश साह, दाड निवासी दिल कुमारी, बुढ़ामागर सप्तरी निवासी उमेश माझी, विराटनगर निवासी दिलीप पोद्दार, धादिड़ग निवासी प्रेमा तामाड व सुनसरी निवासी रंजित कुमार चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के पास से एक लाख नौ हजार 500 सौ रुपये नकद, सात मोबाइल फोन, विभिन्न बैंकों के चेक, सात एटीएम व तांत्रिक पूजा का सामान बरामद हुआ है।