चीन लगातार भारत की सीमाओं पर घुसपैठ कर रहा है। हाल ही में, भारत के अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों पर चीन ने कब्जा कर लिया है। उसका कहना है कि ये क्षेत्र उसके देश के अंतर्गत आते हैं। जबकि अमेरिका ने भारत का पक्ष लिया था। अमेरिका के दो सांसदों ने अरुणाचल प्रदेश के मुद्दे पर भारत का समर्थन करते हुए अमेरिकी संसद में द्विदलीय विधेयक पेश किया है। इसमें अरुणाचल प्रदेश को भारत का अभिन्न अंग बताया गया है। इस विधेयक पर विचार करने के लिए एक शक्तिशाली सीनेट सदस्य संबंधी समिति बुधवार को तैयार हो गई है।
चीन लगातार भारत से जुड़ी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अपनी घुसपैठ बढ़ाता जा रहा है। इसी को लेकर एक विधेयक तैयार किया गया है। इसमें एलएसी पर यथास्थिति बदलने के लिए चीन के सैन्य शक्ति उपयोग के प्रयास, विवादित क्षेत्रों में गांव बसाने, अरुणाचल प्रदेश के भारतीय शहरों के मंदारिन भाषा में नक्शे जारी करने और भूटान तक अपने क्षेत्रीय दावे को बढ़ाने की भी प्रस्ताव में निंदा की गई। प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के बीच अच्छी खबर आई है कि सीनेट की विदेश संबंध समिति इस विधेयक पर चर्चा करने को तैयार हो गए हैं। कहा जा रहा है कि इस द्विदलीय विधेयक पर समिति उस दिन चर्चा करेगी, जब भारत के पीएम नरेंद्र मोदी चार दिवसीय यात्रा पर अमेरिका पहुंचेंगे।
अमेरिकी कांग्रेस की कांग्रेसनल एग्जीक्यूटिव कमीशन ऑन चाइना के सह अध्यक्ष सीनेटर जेफ मर्कले ने कहा कि अमेरिका पूरी दुनिया में स्वतंत्रता और कानून आधारित पद्धति का समर्थन करता है। यह प्रस्ताव साफ कर देता है कि अमेरिका अरुणाचल प्रदेश को भारत का अभिन्न अंग मानता है, ना कि पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना का। विधेयक में अमेरिकी सरकार से सहयोगी देशों के साथ संबंध और मजबूत करने के लिए कहा गया है और चीन की आक्रामकता की आलोचना की गई है।
बता दें कि अमेरिका मैकमोहन लाइन को भारत और चीन के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा मानता है। बता दें कि चीन की सेना सीमा पर यथास्थिति को बदलने की कोशिश कर रही है, इसके लिए चीन की सेना सीमा पर गांवों को बसा रही है। साथ ही चीनी भाषा में लिखा नया नक्शा जारी किया है, जिसमें अरुणाचल प्रदेश को चीन का हिस्सा बताया गया है। विधेयक में भारत और अमेरिका के बीच रक्षा, तकनीक, आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने की बात कही गई है।