अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बृहस्पतिवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों से सुरक्षा संबंधी साझा खतरों से निपटने और दुनियाभर में धार्मिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देने का आग्रह किया।
ट्रंप ने सुरक्षा परिषद के स्थायी प्रतिनिधियों के साथ बैठक में कहा कि हमारे राष्ट्र आतंकवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध आव्रजन, साइबर हमले सहित सुरक्षा संबंधी साझा खतरे व परमाणु, रासायनिक और जैविक हथियारों के प्रसार की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
अमेरिका सुरक्षा परिषद की मासिक आधार पर बारी-बारी से मिलने वाली अध्यक्षता के तहत दिसंबर में इसके अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभा रहा है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में लंच के दौरान कहा, ‘हम खासकर पिछले तीन वर्षों से इन सभी समस्याओं से निपटने के लिए बहुत मेहनत कर रहे हैं।
इससे ज्यादा महत्वपूर्ण कुछ और नहीं हो सकता है। सुरक्षा परिषद को इनसे और दुनिया के सामने मौजूद अन्य खतरों से निपटने के लिए आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए। इसमें ईरानी शासन का व्यवहार भी शामिल है, जिसने बहुत ही कम समय में सैकड़ों लोगों को मार डाला। वे सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों को मार रहे हैं। ईरान में इंटरनेट पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।’
मीडिया ईरान जाए
अमेरिकी राष्ट्रपति ने सुरक्षा परिषद के सदस्यों से दुनियाभर में धार्मिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के वाशिंगटन के महत्वपूर्ण प्रयासों में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मीडिया में ईरान जाकर देखे कि आखिर वहां हो क्या रहा है।
जब लोगों को अपने विश्वासों का पालन करने और शांति से पूजा करने का अधिकार मिल जाता है, तो उन्हें दुनिया अधिक सुरक्षित लगती है। हम इस बात पर कायम हैं।