NASA Mars Mission 2021: पैराशूट की सफेद और नारंगी पट्टियों में छिपा है संदेश
- फोटो : twitter.com/vanschneider
अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा का पर्सिवरेंस रोवर गुरुवार रात इतिहास रचते हुए मंगल ग्रह की सतह पर उतरा था। इस रोवर को मंगल की सतह पर उतारने के लिए वैज्ञानिकों ने एक खास पैराशूट का इस्तेमाल किया था। यह एक सुपरसोनिक पैराशूट था जिसने 12 हजार मील प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहे रोवर को मंगल की सतह पर सुरक्षित उतारा। हालांकि, यह इस पैराशूट की एक मात्र खासियत नहीं है।
दरअसल, इस पैराशूट में नासा के वैज्ञानिकों ने एक संदेश लिखा था। यह संदेश कोड भाषा में लिखा गया था। खास बात यह है कि पैराशूट की जारी की गई तस्वीरों में यह संदेश दिख तो साफ-साफ रहा था, लेकिन समझ में किसी को नहीं आया। असल में यह कोड कहीं और नहीं बल्कि पैराशूट के रंगों में ही छिपा था। इस पैराशूट में सफेद और नारंगी रंग की कई पट्टियां बनी हुई थीं, जो वास्तविकता में एक संदेश हैं।
इस रोवर की टीम के सदस्यों को क्रॉसवर्ड और पहेलियों में खासी रुचि है। ऐसे में टीम के सिस्टम इंजीनियर इयान क्लार्क ने प्रस्ताव रखा कि रोवर के पैराशूट पर एक संदेश भेजा जाए। बाकी लोगों ने भी इसका समर्थन किया और तय किया गया कि पैराशूट पर Dare Mighty Things यानी 'नामुमकिन को मुमकिन करने की कोशिश करना' लिखेंगे। यह पंक्ति अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट ने कही थी।
इसके बाद इसे लिखने के लिए बाइनरी भाषा का इस्तेमाल करते हुए पैराशूट के ऊपर बनी सफेद और नारंगी पट्टियों को बाइनरी कोड के रूप में बदला गया। इसके लिए नायलॉन से बने इस सुपरसोनिक पैराशूट पर बाइनरी कोडिंग की डिजाइन तैयार की गई फिर उसी के अनुसार पैराशूट पर संदेश लिखा गया। हालांकि, इयान के अनुसार लॉन्च के कुछ घंटे बाद ही लोगों ने इस संदेश को डिकोड कर लिया था।
‘क्रॉसवर्ड’ खेल खेलने के शौकीन इयान क्लार्क के दिमाग में यह विचार दो साल पहले आया था। उनके अनुसार शुक्रवार को रोवर के मंगल ग्रह पर उतरने से पहले सिर्फ छह लोगों को इस कोड के बारे में पता था। उन्होंने बताया कि पैराशूट की तस्वीरें सामने आने के बाद उन्होंने संवाददाता सम्मेलन के दौरान सोमवार को कुछ संकेत दिए थे। अंतरिक्ष प्रेमियों ने कुछ घंटों में ही इस पहेली को हल कर लिया।
गौरतलब है कि नासा का रोवर ‘पर्सिवरेंस’ शुक्रवार तड़के मंगल ग्रह की सतह पर उतरा था। यह जेजोरो क्रेटर (महाखड्ड) में उतरा है। यह नासा द्वारा अब तक भेजा गया सबसे बड़ा और सर्वाधिक आधुनिक रोवर है। इस जोखिम भरे और ऐतिहासिक अभियान का उद्देश्य यह पता लगाना है कि मंगल ग्रह पर क्या कभी जीवन था। ये कोशिश लाल ग्रह पर मनुष्य को बसाने की उम्मीदों को लेकर बेहद अहम कदम है।