इस्राइल के नागरिकों ने देश में पांच महीने में दूसरी बार हुए आम चुनाव में मंगलवार को वोट डाले। इस चुनाव को मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व पर एक जनमत संग्रह के तौर पर देखा जा रहा है। मंगलवार सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ। करीब 63 लाख योग्य मतदाता 22 वीं इस्राइली संसद को निर्वाचित करने के लिए रात 10 बजे तक वोट डाल सकते हैं।
अप्रैल के चुनावों में 120 सदस्यीय संसद में 61 सदस्यों का गठबंधन बनाने में नेतन्याहू (69) के नाकाम रहने के चलते मध्यावधि चुनाव की जरूरत पड़ी। इस्राइली रक्षा बलों के लिए मतदान देश के विभिन्न सैन्य अड्डों पर शनिवार शाम शुरू हो गया था और विदेशों में नियुक्त इस्राइली राजनयिक अपना वोट डाल चुके हैं।
केंद्रीय चुनाव समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओर्ली अदास ने कहा, ‘नौ अप्रैल के चुनाव के बाद से अब तक संक्षिप्त अवधि में योग्य मतदाताओं की संख्या में एक फीसदी की वृद्धि हुई है।’ इस चुनाव को नेतन्याहू के लिए सबसे कड़ी राजनीतिक चुनौती के तौर पर और उनके 10 साल के नेतृत्व के भविष्य में भी जारी रहने के लिए एक जनमत संग्रह के तौर पर देखा जा रहा है।
इस चुनाव में दक्षिणपंथी लिकुड पार्टी के नेता और इस्राइल के सबसे लंबे कार्यकाल वाले प्रधानमंत्री नेतन्याहू का मुकाबला पूर्व सैन्य प्रमुख बेंजामिन ‘बेनी’ गांत्ज के साथ है, जो मध्यमार्गी ब्ल्यू एंड व्हाइट पार्टी से हैं। पिछले कई बरसों में नेतन्याहू के वह सबसे मजबूत प्रतिद्वंद्वी हैं। नेतन्याहू ने अपनी पत्नी के साथ येरुशलम में वोट डाला।
वहीं, गांत्ज ने अपना वोट डालने के दौरान देश से भ्रष्टाचार और चरमपंथ को खारिज करने की अपील की। गांत्ज ने कहा, ‘‘हम नई उम्मीद चाहते हैं। हम आज बदलाव के लिए वोट डाल रहे हैं।’ अंतिम चुनाव सर्वेक्षण में लिकुड पार्टी और उसके मुख्य प्रतिद्वंद्वी ब्लू एंड व्हाइट पार्टी के बीच कांटे का मुकाबला बताया गया है।
इस्राइल के राष्ट्रपति आर. रिवलिन ने मंगलवार सुबह जारी एक वीडियो संदेश में कहा, ‘यथाशीघ्र इस्राइल में एक निर्वाचित सरकार पाने के लिए हर कदम उठाने तथा एक और चुनाव प्रचार टालने का मैं संकल्प लेता हूं।’