जलवायु परिवर्तन पर संतुलित वैश्विक दृष्टिकोण अपनाने के लिए बनी सहमति
शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में शुक्रवार को सदस्य देशों ने जलवायु परिवर्तन को लेकर संतुलित वैश्विक दृष्टिकोण अपनाए जाने का आह्वान किया। इस मुद्दे पर जारी साझा बयान में कहा गया कि कार्बन उत्सर्जन घटाने और गरीब राष्ट्रों को आर्थिक रूप से विकसित देशों के साथ आने की अनुमति देने में संतुलन बनाना बहुत जरूरी है।
कार्बन उत्सर्जन के मामले में चीन, भारत और रूस जैसे बड़े देशों ने सर्वसम्मति से जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक परिणामों और इसको लेकर तत्काल कदम उठाने की जरूरतों को स्वीकार किया लेकिन साथ ही तेल और गैस उत्पादन में निवेश बढ़ाने का भी आह्वान किया।
समूह ने एक निर्धारित गति से उत्सर्जन को कम करने के लिए देशों को बाध्य करने के लिए ‘जबरदस्ती के उपायों’ को यह कहते हुए नकार दिया कि देशों को जलवायु परिवर्तन की रोकथाम के क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित करने का अधिकार है।
साझा बयान में कहा गया कि एकतरफा जबरदस्ती के उपाय बहुपक्षीय सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं। ये जलवायु परिवर्तन को लेकर लिए बहुपक्षीय सहयोग और सामूहिक और राष्ट्रीय प्रयासों को गंभीर रूप से कमजोर करते हैं। साथ ही देशों की क्षमता को भी कमजोर करते हैं। एजेंसी
अर्दोआन से मिले मोदी, रिश्तों की मजबूती पर बात
पीएम मोदी ने तुर्की के राष्ट्रपति रेसप तैयब अर्दोआन से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने रिश्ते मजबूत करने और परस्पर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। पीएमओ ने ट्वीट कर उनकी मुलाकात की जानकारी दी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, दोनों नेताओं के बीच सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने हाल के दिनों में द्विपक्षीय कारोबार में हुई वृद्धि की सराहना की। इसके अलावा क्षेत्रीय एवं वैश्विक विकास के मुद्दों पर भी विचारों का आदान प्रदान हुआ। तुर्की के राष्ट्रपति पाकिस्तान के खास करीबी रहे हैं।
शहबाज के हेडफोन संभालने पर पुतिन को आई हंसी
पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत के दौरान बार बार अपना हेडफोन संभालते रहे। रूसी सरकारी न्यूज एजेंसी आरआईए की ओर से जारी एक वीडियो में पुतिन उन पर हंसते हुए दिख रहे हैं। इस वीडियो को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने भी शेयर किया। इसमें यह भी दिख रहा है कि शहबाज ने एक सहयोगी से मदद मांगी।
चीन ने की क्षेत्रीय आतंकवादरोधी प्रशिक्षण केंद्र खोलने की पेशकश
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एशिया में क्षेत्रीय आतंकवादरोधी प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने का सुझाव दिया। इसके लिए उन्होंने 2000 पुलिस अधिकारियों को खास प्रशिक्षण देने की भी पेशकश की। ताकि क्षेत्र में आतंकवाद के खिलाफ कानून प्रवर्तन को मजबूती दी जा सके। जिनपिंग ने साथ ही अपने मध्य एशियाई पड़ोसियों को चेताया कि वह बाहरी तत्वों को रंग क्रांतियों के जरिए उन्हें अस्थिर करने की अनुमति न दें।
उन्होंने रणनीतिक स्वतंत्रता बनाए रखने और सुरक्षा सहयोग पर सहमति बनाने व आतंकवाद विरोधी सहयोग का विस्तार करने की अपील की। जिनपिंग का यह आह्वान असल में लोकतांत्रिक देशों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को मिल रहे पश्चिमी समर्थन के प्रति चीन की चिंता को दर्शाता है। जिनपिंग ने पूर्व सोवियत संघ और मध्य पूर्व में अलोकप्रिय शासनों को गिराने वाले विरोधों का भी जिक्र किया।
- जिनपिंग ने कहा, सभी सदस्य देशों को राजनीतिक भरोसा कायम करना चाहिए और एक दूसरे के मूल हितों से जुड़े मामलों में परस्पर सहयोग जारी रखना चाहिए। बिना नाम लिए अमेरिका पर निशाना साधते हुए जिनपिंग ने कहा, क्षेत्रीय स्थिरता की सुरक्षा के लिए रणनीतिक स्वतंत्रता को कायम रखना होगा। सतत सुरक्षा की दृष्टि की वकालत करने और क्षेत्रीय स्थिरता को नुकसान पहुंचाने को रोकना होगा।
मोदी बोले- आज का युग युद्ध नहीं, शांति का है, पुतिन ने कहा- यूक्रेन पर आपकी चिंता समझता हूं
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पीएम मोदी से मुलाकात में यूक्रेन युद्ध पर भारत की चिंताएं दूर करने की कोशिश की। सम्मेलन से इतर वार्ता में मोदी ने कहा, आज का युग युद्ध का नहीं, शांति का है। तो, पुतिन ने मोदी से कहा, यूक्रेन संघर्ष को लेकर आपकी स्थिति से परिचित हूं, आपकी चिंताओं को भी समझता हूं। हम भी जल्द-से-जल्द सब खत्म करना चाहते हैं। यूक्रेन के घटनाक्रम से आपको अवगत कराता रहूंगा।
यूक्रेन संघर्ष के बाद दोनों शीर्ष नेताओं के बीच यह पहली मुलाकात थी। विश्व के अधिकतर देशों ने रूस के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया, पर भारत कूटनीतिक ढंग से रूस की निंदा किए बगैर अपनी स्थिति स्पष्ट करता रहा है। पीएम मोदी ने कहा, हमने फोन पर भी बात की है। आज हमें शांति के पथ पर आगे बढ़ने के लिए बातचीत का मौका मिला है। रूस-भारत दशकों से साथ रहे हैं। आगे भी साथ बना रहेगा।
खाद्य सुरक्षा-ईंधन व उर्वरक पर समाधान तलाशें
मोदी ने कहा, द्विपक्षीय रिश्तों समेत अन्य कई मुद्दों पर हमने फोन पर कई बार बातचीत की। हमें खाद्य सुरक्षा व ईंधन और उर्वरक के मसले का समाधान निकालने के प्रयास करने चाहिए। मोदी ने कहा, यूक्रेन में फंसे हमारे नागरिकों खासकर विद्यार्थियों को निकालने में मदद के लिए रूस व यूक्रेन, दोनों का धन्यवाद।
मजबूत होती दोस्ती
मोदी ने भारत-रूस की दशकों पुरानी दोस्ती की गहराई याद दिलाते हुए कहा, दुनिया इस तथ्य से परिचित है। उन्होंने पुतिन से अपनी 22 साल की दोस्ती का भी जिक्र किया। कहा, यह और मजबूत होती जा रही है।
मोदी-जिनपिंग एक मंच पर...न हाथ मिले, न निगाहें
प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग सम्मेलन के दौरान एक मंच पर रहे। हालांकि, इस दौरान दोनों ने एक-दूसरे से हाथ मिलाना तो दूर, नजरें भी नहीं मिलाईं। मंच पर साथ होने के बावजूद दोनों की दूरी साफ नजर आई। दरअसल ऐसा कर, भारत ने पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद को लेकर सख्त संदेश दिया है।