शंघाई सहयोग संगठन की मंगलवार को हुई शिखर बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर जमकर लताड़ लगाई थी और कहा था कि आतंकवाद किसी के लिए भी रणनीतिक संपत्ति नहीं हो सकता। हालांकि एससीओ संगठन ने पाकिस्तान को इज्जत नवाजते हुए लाहौर को 2026-27 के लिए 'पर्यटन और सांस्कृतिक राजधानी' घोषित कर दिया है। यह घोषणा किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में एससीओ के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की 26वीं बैठक में की गई, जिसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी शामिल हुए थे।
इस साल पाकिस्तान करेगा एससीओ की अध्यक्षता
लाहौर को 'पर्यटन और सांस्कृतिक राजधानी' का यह खिताब 2022 से एससीओ सदस्य देशों को बारी-बारी से दिया जा रहा है। इसका मकसद सदस्य देशों के बीच लोगों के आपसी संपर्क और पर्यटन को बढ़ावा देना है, साथ ही उस देश की सांस्कृतिक विरासत को उजागर करना है जिसे संगठन की अध्यक्षता मिलने वाली है।
पाकिस्तान इस साल एससीओ की अध्यक्षता करेगा और शहबाज शरीफ ने इसकी थीम 'विजन को एक्शन में बदलना: कनेक्टिविटी, इनोवेशन और साझा समृद्धि' तय की है। लाहौर को यह दर्जा देने का फैसला इस साल अप्रैल में लिया गया था, जब SCO सदस्य देशों के पर्यटन विभागों के प्रमुख बिश्केक में मिले थे।
भारत के वाराणसी को भी मिल चुका है ये खिताब
जिन शहरों को पहले यह खिताब मिला है, उनमें भारत का वाराणसी (2022-23), कजाकिस्तान का अल्माटी (2023-24), चीन का किंगदाओ (2024-25) और किर्गिस्तान का चोलपोन-अता (2025-26) शामिल हैं। एससीओ संगठन का मुख्यालय चीन की राजधानी बीजिंग में है। यह एक क्षेत्रीय समूह है जिसकी स्थापना 2001 में हुई थी और इसमें भारत सहित 10 सदस्य देश शामिल हैं। यह संगठन इस साल अपनी 25वीं वर्षगांठ मना रहा है। यह शिखर सम्मेलन किर्गिस्तान की अध्यक्षता में बिश्केक में आयोजित किया गया था।
पीएम मोदी ने क्या कहा था?
एससीओ बैठक में पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर घेरते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'हमें एक आवाज में कहना चाहिए कि इस गंभीर मुद्दे पर दोहरे मापदंड की कोई जगह नहीं हो सकती। जो देश आतंकवाद को अपनी नीति के साधन के रूप में इस्तेमाल करते हैं और आतंकवादियों को पनाह और समर्थन देते हैं, उन्हें स्पष्ट संदेश दिया जाना चाहिए कि आतंकवाद किसी के लिए रणनीतिक संपत्ति नहीं हो सकता।'