286 दिन तक लगातार समुद्र में रहने के बाद अमेरिकी नौसेना का विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन बुधवार को थाईलैंड के लैम चाबांग बंदरगाह पहुंच गया। करीब 5,000 अमेरिकी नौसैनिकों और मरीन को लेकर पहुंचा यह पोत अगले पांच दिनों तक थाईलैंड में रहेगा। इतने बड़े सैन्य दल के पहुंचने से जहां सैनिकों को आराम और मनोरंजन का मौका मिलेगा, वहीं पटाया के पर्यटन कारोबार को भी रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
यूएसएस अब्राहम लिंकन को नवंबर 2025 में तैनात किया गया था। आमतौर पर अमेरिकी नौसेना के जहाजों की तैनाती छह से नौ महीने तक होती है, लेकिन संघर्ष जैसी परिस्थितियों में यह अवधि बढ़ाई जा सकती है। इस बार पोत लगातार 286 दिन समुद्र में रहा, जिसे आधुनिक दौर का रिकॉर्ड बताया जा रहा है। इतनी लंबी तैनाती के दौरान जहाज पर मौजूद चालक दल के हालात और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं भी सामने आई हैं।
अब थाईलैंड में पांच दिन का ठहराव चालक दल के लिए राहत और रिकवरी का मौका माना जा रहा है। कैरियर स्ट्राइक ग्रुप-3 के कमांडर रियर एडमिरल रॉबर्ट ई. लॉफ्रान ने भी इसे चालक दल के लिए आराम करने और दोबारा ऊर्जा हासिल करने का जरूरी अवसर बताया है।
अब्राहम लिंकन के साथ करीब 5,000 अमेरिकी नौसैनिक और मरीन थाईलैंड पहुंचे हैं। इतनी बड़ी संख्या में सैन्यकर्मियों की मौजूदगी से पटाया के स्थानीय कारोबारियों को बिक्री बढ़ने की उम्मीद है। सैन्यकर्मियों को लैम चाबांग बंदरगाह और पटाया के बीच लाने-ले जाने के लिए करीब 40 बसों की व्यवस्था की जाएगी। इससे शहर के होटल, रेस्तरां, खाने-पीने की दुकानें, टैक्सी, कपड़ों की दुकानें और दूसरे स्थानीय कारोबारों में गतिविधियां बढ़ सकती हैं। लंबे समय से सुस्त पड़े कारोबार को भी अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी से कुछ सहारा मिलने की उम्मीद है। खास तौर पर वे कारोबारी ज्यादा उत्साहित हैं, जिनका काम विदेशी पर्यटकों और मनोरंजन गतिविधियों से जुड़ा है।
पटाया की पहचान केवल समुद्र तटों और होटलों से नहीं है। शहर की नाइटलाइफ और मनोरंजन उद्योग भी लंबे समय से यहां आने वाले विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का हिस्सा रहे हैं। लेकिन अमेरिकी सैनिकों के पहुंचने से पहले ही पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है। सप्ताहांत में हुई कार्रवाई के दौरान वेश्यावृत्ति के संदेह में करीब 40 से 50 लोगों को हिरासत में लिया गया।
पटाया की नाइटलाइफ का असर सिर्फ यौन कार्य से जुड़े कारोबार तक सीमित नहीं है। होटल, रेस्तरां, बार, टैक्सी, स्ट्रीट वेंडर्स और मनोरंजन से जुड़े कई दूसरे कारोबार भी विदेशी पर्यटकों की आवाजाही पर निर्भर हैं। ऐसे में अगर पुलिस की सख्ती इतनी बढ़ती है कि पर्यटकों की आवाजाही या मनोरंजन गतिविधियों पर व्यापक असर पड़ता है, तो स्थानीय कारोबारियों की कमाई भी प्रभावित हो सकती है। हालांकि, मौजूदा स्थिति को पूरे थाईलैंड के पर्यटन के ठप होने के तौर पर नहीं देखा जा सकता। फिलहाल संभावित असर मुख्य रूप से पटाया के उन इलाकों और कारोबारों तक सीमित रहने की आशंका है, जो नाइटलाइफ और विदेशी पर्यटकों पर ज्यादा निर्भर हैं।
पटाया के मेयर पोरामासे नगामपिचेस के अनुसार, अमेरिकी सैन्यकर्मियों के लिए कुछ गतिविधियों में हिस्सा लेने पर रोक रहेगी। इनमें कई तरह के वाटर स्पोर्ट्स, जेट स्कीइंग, बंजी जंपिंग, कुश्ती और बॉक्सिंग जैसी गतिविधियां शामिल हैं। थाई अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अब्राहम लिंकन की यात्रा मुख्य रूप से रसद, आराम और सैन्यकर्मियों की रिकवरी से जुड़ी है। इसे मध्य-पूर्व में चल रहे संघर्ष से जोड़कर नहीं देखा जा रहा है।
अमेरिका और थाईलैंड के बीच लंबे समय से रक्षा संबंध हैं। थाईलैंड 1954 से अमेरिका का संधि सहयोगी है। दोनों देशों की सेनाओं के बीच नियमित सैन्य अभ्यास और रक्षा सहयोग भी जारी रहता है। फिलहाल अब्राहम लिंकन का पटाया पहुंचना शहर के लिए एक दिलचस्प स्थिति लेकर आया है। एक तरफ करीब 5,000 अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौजूदगी से स्थानीय कारोबार को फायदा मिलने की उम्मीद है, तो दूसरी तरफ सुरक्षा व्यवस्था और नाइटलाइफ पर पुलिस की निगरानी बढ़ गई है। अब अगले पांच दिन बताएंगे कि अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी पटाया के पर्यटन कारोबार को कितना फायदा पहुंचाती है और बढ़ी हुई पुलिस निगरानी का शहर की नाइटलाइफ पर कितना असर पड़ता है।