डायबिटीज की बीमारी से पीड़ित कोई व्यक्ति अगर ग्लूकोज का स्तर कम रख करने वाली एलजीएलटी2आई दवा लेता है, तो कोरोना से संक्रमित होना उसके लिए घातक साबित हो सकता है। एक नए अध्ययन में इसे लेकर सचेत किया गया है। अमेरिका स्थित ब्रिघम एंड वूमेन हॉस्पिटल के अनुसंधानकर्ताओं ने डायबिटीज के रोगियों को यह चेतावनी दी है।
शोधकर्ताओं के मुताबिक, जब बीमारी से कोशिकाओं को काम करने के लिए पर्याप्त ग्लूकोज प्राप्त करने से रोकती है तो डायबिटीज कीटोएसिडोसिस (डीकेए) की स्थिति पैदा हो सकती है।
पत्रिका 'द अमेरिकन ऑफ क्लीनिकल एंडोक्रिनोलॉजिस्ट्स क्लिनिकल केस रिपोर्ट्स' में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि कोविड-19 के जो मरीज एसजीएलटी2आई दवा ले रहे हैं उनमें यूडीके के एक प्रकार ईयूडीके पैदा होने का अधिक खतरा है।
ईयूडीकेए की स्थिति तब पैदा होती है जब शरीर की कोशिकाएं ग्लूकोज ग्रहण नहीं कर पाती। वैज्ञानिकों ने पाया कि बोस्टन में ईयूडीकेए के पांच असाधारण मामले सामने आए हैं।
यह सभी मामले उन लोगों में पाए गए जो एसजीएलटी2आई ले रहे थे और कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे। इनमें से तीन मरीजों को पुनर्वास केंद्रों में भेजा गया है। एक व्यक्ति को घर भेज दिया गया।