साइबेरिया के पर्माफ्रॉस्ट बर्फ में 48,500 साल से सो रहे कई वायरस को वैज्ञानिकों ने पुनर्जीवित किया है। ये सभी रूस के सुदूर पूर्वी इलाके में स्थित साइबेरिया के पर्माफ्रॉस्ट से पांच अलग-अलग प्रजातियों से संबंध रखते हैं। इनका नाम मेगावायरस मैमथ है। ये वायरस उस दौर के हैं, जब साइबेरिया में हाथियों के पूर्वज मैमथ घूमते थे। वह हिमयुग का समय था। हिमयुग के समय से साइबेरिया के पर्माफ्रॉस्ट बर्फ में कई वायरस दबे हैं।
अचानक वायरस का संक्रमण फैलेगा तो खतरा ज्यादा होगा
वैज्ञानिकों ने इनमें से कुछ को निकालकर जिंदा किया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि जिस तरह से जलवायु परिवर्तन के बर्फ तेजी से पिघल रही है, ऐसे में अचानक वायरस का संक्रमण फैलेगा तो खतरा ज्यादा होगा। इसलिए पहले ही इन वायरसों को खोजकर उनकी स्टडी कर लेना चाहते हैं, ताकि उनके संक्रमण से बचने का तरीका खोजा जा सके।
इसी कड़ी में सैंपल कलेक्ट किए गए हैं। इनमें से कुछ वायरस 48,500 साल पुराने हैं। तब से लेकर अब तक ये बर्फ में दबे सो रहे थे। लेकिन अब ये जाग गए हैं। इनमें से जो तीन वायरस सबसे नए हैं। उनकी उम्र 27 हजार साल है।
बर्फ में मृत मिले साइबेरियन भेड़िये के पेट से दो नए वायरसों को खोजा गया है
इन वायरसों को मैमथ के मल से हासिल किया गया है, जो मैमथ के बालों में लिपटा हुआ था। बर्फ में जमा हुआ था। इन्हें नाम दिया गया है- मेगावायरस मैमथ, पिथोवायरस मैमथ और पैंडोरावायरस मैमथ। इसके अलावा बर्फ में मृत मिले साइबेरियन भेड़िये के पेट से दो नए वायरसों को खोजा गया है। इनका नाम है पैकमैनवायरस लुपुस और पैंडोरावायरस लुपुस है।