इस्लामी सहयोग संगठन की यह बैठक अरब लीग द्वारा ट्रंप के तथाकथित मध्य-पूर्व शांति सौदे को खारिज करने के बाद हो रही है। 57 सदस्यों वाले इस निकाय की दो दिनी बैठक सोमवार को फलस्तीन नेतृत्व के अनुरोध पर हो रही है। फलस्तीन ने ट्रंप का प्रस्ताव ठुकराते हुए कहा है कि यह फलस्तीनी लोगों के न्यूनतम अधिकारों और जरूरतों को पूरा नहीं करता है। ईरान ने ट्रंप की शांति योजना की निंदा की है।
अमेरिकी दबाव पर भी एटमी कार्यक्रम जारी रखेगा ईरान
ईरान ने कहा कि अमेरिका के हरसंभव दबाव के बावजूद वह अपने परमाणु कार्यक्रम को और दृढ़ संकल्प के साथ जारी रखेगा। ईरानी परमाणु ऊर्जा संगठन (एईओआई) के प्रवक्ता बेहरूज कमालवंडी ने कहा, ‘अमेरिका सिर्फ दबाव बनाना चाहता है लेकिन वास्तविकता यह है कि वह कभी इसमें सफल नहीं होगा।
’ उन्होंने कहा, ‘अन्य देशों की नीतियों से ईरान का परमाणु कार्यक्त्रस्म प्रभावित नहीं होगा। ईरान वो हर कदम उठाएगा जो देश हित में होगा।’ अमेरिका द्वारा ईरान पर दबाव बनाने के लिए एईओआई के अध्यक्ष अली सलेही पर लगाए प्रतिबंध को लेकर बहरोज ने कहा, ‘यह बेकार हैं, इसका कोई असर नहीं होगा।’