सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने फलस्तीनियों पर इस्राइल के हमले की निंदा की है। उन्होंने अरब नेताओं के शिखर सम्मेलन में बोलते हुए इस्राइली हमले को नरसंहार बताया है। इसके साथ ही इस्राइल से ईरान पर हमला रोकने की अपील की है।
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने सोमवार को मुस्लिम और अरब नेताओं के शिखर सम्मेलन में इस्राइल द्वारा फलस्तीन के खिलाफ किए गए हमले की निंदा की है। उन्होंने इस हमले को नरसंहार बताते हुए कहा कि सऊदी अरब इस्राइल द्वारा फिलिस्तीनी लोगों के खिलाफ किए गए अत्याचारों की स्पष्ट अस्वीकृति करता है।
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क्राउन प्रिंस ने इस मौके पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस्राइल को ईरान पर हमला करने से रोकने और ईरान की संप्रभुता का सम्मान करने की अपील की। बता दें कि बीते सितंबर में अपने एक बयान में क्राउन प्रिंस ने कहा था कि जब तक फिलिस्तीनी राज्य नहीं बनता, सऊदी अरब इस्राइल को मान्यता नहीं देगा।
सऊदी विदेश मंत्री के बयान को दोहराया
क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने पिछले महीने के अंत में सऊदी विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद की टिप्पणियों को दोहराते हुए एक अरब इस्लामिक शिखर सम्मेलन में कहा कि राज्य इजरायल द्वारा भाईचारे फिलिस्तीनी लोगों के खिलाफ किए गए नरसंहार की अपनी निंदा और स्पष्ट अस्वीकृति को दोहराता है।
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जानकारी के अनुसार इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने सऊदी अरब और इस्राइल के बीच सामान्यीकरण समझौते की कोशिश की थी, जिसमें सुरक्षा गारंटी भी शामिल थी, लेकिन 7 अक्टूबर, 2023 को गाजा से हमास द्वारा इस्राइल पर हमले और इस्राइल की जवाबी कार्रवाई के बाद इस प्रक्रिया को रोक दिया गया था।
महासचिव का प्रस्ताव
बता दें कि शिखर सम्मेलन के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल घीत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस्राइल की सदस्यता को निलंबित करने का प्रस्ताव रखा। जहां उन्होंने कहा कि इस फैसले का अधिकार महासभा के पास है न कि सुरक्षा परिषद के।