ब्रिटेन, इटली और जापान मिलकर दुनिया का दूसरा सबसे घातक लड़ाकू विमान विकसित करेंगे। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने छठी पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना का नाम ग्लोबल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट प्रोग्राम (जीसीएपी) रखा गया है। यह लड़ाकू विमान रूस और चीन से बढ़ते खतरों का मुकाबला करने के लिए विकसित किया जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पीएम स्टार्मर और उनके मंत्रिमंडल ने जीसीएपी को पिछले हफ्ते ही मंजूरी दे दी थी। अगले कुछ हफ्तों में इस परियोजना की औपचारिक घोषणा होने की संभावना है। इस विमान को बनाने के लिए ब्रिटेन और इटली का टेम्पेस्ट प्रोजेक्ट और जापान का एफ-एक्स प्रोजेक्ट मिलकर काम कर रहे हैं। हालांकि, पहले यह सवाल उठ रहा था कि ब्रिटेन इसके साथ जुड़ा रहेगा या नहीं, लेकिन अब प्रधानमंत्री स्टार्मर की मंजूरी के बाद यह आशंकाएं समाप्त हो गई हैं। इस परियोजना पर इटली, जापान और ब्रिटेन ने पिछले साल दिसंबर में हस्ताक्षर किए थे।
परियोजना को विकसित करने का लक्ष्य साल 2035 रखा गया
इस परियोजना पर अरबों डॉलर खर्च होने की संभावना है। इस लड़ाकू विमान को बनाने में कितनी लागत आएगी, अभी यह ज्ञात नहीं है। हालांकि, स्टील्थ फाइटर जेट को विकसित करने का लक्ष्य साल 2035 रखा गया है। इसे ब्रिटिश कंपनी बीएई सिस्टम्स, इंजन निर्माता रोल्स-रॉयस, इटली की लियोनार्डो एयरोस्पेस और जापान की मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज मिलकर विकसित करेंगे।
यूके में स्थित होगा जीसीएपी का मुख्यालय
त्रिपक्षीय समझौते के अनुसार, जीसीएपी का मुख्यालय यूके में स्थित होगा। यूके के रक्षा मंत्रालय ने कहा, 'यूके ग्लोबल कॉम्बैट एयर प्रोग्राम का एक गौरवान्वित सदस्य है, अपने साझेदार जापान और इटली के साथ मिलकर काम करते हुए, हम 2035 के लिए अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान देने पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।'
अगर सब कुछ योजना के मुताबिक होता है, तो यह सुपरसोनिक विमान अमेरिकी बी-21 रेडर बॉम्बर के बाद दुनिया का दूसरा 6वीं पीढ़ी का स्टील्थ लड़ाकू विमान बनेगा।
अमेरिका का बी-21 रेडर बॉम्बर
यह विमान भी 6वीं पीढ़ी की स्टील्थ तकनीक से लैस है और इसे गुप्त सामग्रियों से बनाया गया है, जो उसे दुश्मन के एंटी-एक्सेस सिस्टम से बचाता है। यह पारंपरिक और परमाणु दोनों तरह के हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है। इसे खास तकनीकों से बनाया गया है, जो इसे दुनिया का सबसे उन्नत स्ट्राइक एयरक्राफ्ट बनाती हैं। बी-21 रेडर का नाम द्वितीय विश्व युद्ध के डूलिटल रेड के सम्मान में रखा गया है।