सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित हवाई अड्डे पर शनिवार को फिर हमला हुआ और उसे खाली करा लिया गया। क्षेत्र के दो अधिकारियों ने यह जानकारी दी। वहीं, दो दिन पहले हुए हमले में एक पायलट समेत तीन सऊदी नागरिकों की मौत हो गई थी। ईरान युद्ध के नए मोर्चे पर सऊदी अरब को लगातार हमलों का सामना करना पड़ रहा है।
एक अधिकारी ने बताया कि मिसाइल हवाई अड्डे के यात्री टर्मिनल से टकराई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने मीडिया से बात करने के लिए अधिकृत नहीं होने के कारण नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर जानकारी दी। एंबुलेंस को तेजी से हवाई अड्डे की ओर जाते देखा गया।
कई उड़ानों को किया गया डायवर्ट
उड़ानों पर नजर रखने वाली वेबसाइट फ्लाइटरडार24 के मुताबिक, रियाद जाने वाली उड़ानों को दूसरे हवाई अड्डों की ओर मोड़ दिया गया। इससे पहले दोपहर 2:05 बजे आखिरी उड़ान के उतरने के करीब चार घंटे बाद यह जानकारी सामने आई। कुवैत एयरवेज ने बताया कि हवाई अड्डा बंद होने के कारण वह अपनी उड़ानें रद्द कर रही है।
इस सप्ताह कई बार निशाना बना हवाई अड्डा
कनाडा के दूतावास ने अपने नागरिकों को हवाई अड्डे की यात्रा से बचने की सलाह दी और क्षेत्र में "लगातार जारी सैन्य गतिविधियों" का हवाला दिया। पड़ोसी देश यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने एक सप्ताह पहले बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया था। इसके बाद से किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को कई बार निशाना बनाया जा चुका है।
शनिवार को हुए ताजा हमले को लेकर हूती विद्रोहियों की ओर से तत्काल कोई बयान नहीं आया। सऊदी सरकार के अधीन काम करने वाले सेंटर फॉर इंटरनेशनल कम्युनिकेशन ने भी टिप्पणी के अनुरोध का तुरंत जवाब नहीं दिया। यह केंद्र सऊदी अरब में विदेशी मीडिया से जुड़े मामलों की देखरेख करता है।
राजधानी में दूर तक सुने गए धमाके
रियाद के निवासी अहमद सैयद ने बताया कि उन्होंने राजधानी में कम से कम दो जोरदार धमाकों की आवाज सुनी। धमाकों से शहर में कंपन महसूस हुआ। हवाई अड्डा प्रशासन ने यात्रियों के लिए संक्षिप्त अलर्ट जारी किया। इसमें कहा गया कि हवाई अड्डे के लिए रवाना होने से पहले यात्री संबंधित एयरलाइन से अपनी उड़ान की स्थिति की जानकारी ले लें।
यमन में तेज हुई लड़ाई
यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित सरकारी बलों के बीच लड़ाई तेज हो गई है। सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन सरकारी बलों को हवाई सहायता दे रहा है, ताकि लाल सागर के तटवर्ती इलाकों में हूती विद्रोहियों की हालिया बढ़त को पलटा जा सके। विद्रोहियों की नई स्थिति से उन्हें समुद्री जहाजों की आवाजाही पर बेहतर निगरानी रखने का मौका मिला है। यह समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य का एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक रास्ता है।
हूती विद्रोहियों ने एपी और अन्य मीडिया संस्थानों से कहा है कि वे उन पर लगाए गए प्रतिबंधों के जवाब में नाकेबंदी के तहत केवल सऊदी जहाजों को निशाना बना रहे हैं। हालांकि, व्यापक हमलों की आशंका बनी हुई है। गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद भी हूती विद्रोहियों ने अन्य समुद्री जहाजों पर हमले किए थे। उस समय उन्होंने इसे फलस्तीनियों के समर्थन में की गई कार्रवाई बताया था। बाद में अमेरिका के बमबारी अभियान के साथ वे हमले समाप्त हो गए थे।
ट्रंप ने हमलों पर जताई नाराजगी
सऊदी अरब के हवाई अड्डों, सैन्य ठिकानों और तेल संबंधी बुनियादी ढांचे पर हमलों के बीच देश ने अमेरिका और अन्य सहयोगी देशों से समर्थन मांगा है। शुक्रवार को व्हाइट हाउस से निकलते समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से रियाद हवाई अड्डे पर हमलों के बारे में पूछा गया। उन्होंने कहा, "यह अच्छा नहीं है" और "मैं खुश नहीं हूं।" हालांकि, इन हमलों का जवाब देने के लिए अमेरिका की ओर से तत्काल सैन्य सहायता मिलने के कोई संकेत नहीं मिले हैं।
इस बीच, सऊदी अधिकारियों ने इस सप्ताह आम लोगों को चेतावनी दी कि मिसाइलों और ड्रोन को रोकने की कार्रवाई या उनके गिरने वाले स्थानों से जुड़ी जानकारी की वीडियो बनाना, उसे प्रकाशित करना या साझा करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।