सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में अरामको परिसर की एक प्रशासनिक इमारत पर हमले के बाद आग लगी, लेकिन किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। दूसरी ओर, सऊदी गठबंधन ने यमन की राजधानी सना में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर हवाई हमले किए। इसके बाद रियाद और पूर्वी प्रांत में मिसाइल अलर्ट जारी हुए, जबकि गठबंधन ने कई मिसाइलों और ड्रोन को रोकने का दावा किया। इस घटनाक्रम से मध्य पूर्व में जारी संकट और गहराने की आशंका बढ़ गई है।
सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनियों में शामिल अरामको के परिसर को निशाना बनाया गया। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक, परिसर की एक प्रशासनिक इमारत में सीमित आग लग गई। राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच तनाव बढ़ रहा है।
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यमन की राजधानी सना में सऊदी गठबंधन ने हमला क्यों किया?
सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने मंगलवार को यमन की राजधानी सना में हवाई हमले किए। सना पर हूती विद्रोहियों का नियंत्रण है। हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले प्रसारक अल मसिरा और स्थानीय लोगों ने हमलों की जानकारी दी। हमले से पहले गठबंधन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी थी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, शहर में कई घंटे बाद भी तेज धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। इससे पहले गठबंधन ने सना के पश्चिम में स्थित सुबाहा ईंधन केंद्र को निशाना बनाया था।
सऊदी गठबंधन ने तेल भंडारण केंद्र पर क्या आरोप लगाए?
सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल मलिकी ने आरोप लगाया कि हूती विद्रोही मिसाइलों और ड्रोन के अपने हथियारों के भंडार के लिए यमन ऑयल कंपनी की सुविधा और उसके भूमिगत ईंधन डिपो का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह केंद्र राजधानी सना के ऊपर एक पहाड़ी पर स्थित है। गठबंधन ने नागरिकों से यमन ऑयल कंपनी के परिसर और आसपास के भंडारण क्षेत्रों को खाली करने को कहा था।
क्या पश्चिम एशिया में बिगड़ेंगे हालात?
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यमन में मंगलवार को किया गया हमला सैन्य कार्रवाई बढ़ाने का संकेत था या रियाद के हवाई अड्डे पर हाल में हुए जानलेवा हमलों के जवाब में सीमित कार्रवाई। हालांकि, अरामको परिसर पर हमले, सना में हवाई हमलों और रियाद की ओर मिसाइलों के खतरे ने क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। आने वाले समय में हालात किस दिशा में जाएंगे, यह अभी साफ नहीं है।