वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो व उनकी पत्नी की गिरफ्तारी ने पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया है। अमेरिका ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास में स्थित सबसे बड़े सैन्य बेस फुएर्ते टियूना पर हमला कर शनिवार को मादुरो को पकड़ा था। अब इस बेस पर किए गए अमेरिकी हमले की तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें ऑपरेशन के वक्त मचाई गई तबाही साफ नजर आ रही है।
वेंटोर द्वारा ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में सैन्य बेस फुएर्ते टियूना पर की गई अमेरिकी कार्रवाई के निशान साफ नजर आ रहे हैं। परिसर के अंदर कम से कम छह इमारतों को गंभीर नुकसान हुआ है। एक तस्वीर में परिसर के उत्तरी छोर में मौजूद लाल छतों वाली एक बड़ी इमारत से धुआं निकलता दिख रहा है और इसके दक्षिण में तीन छोटी इमारतें लगभग पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं।
हमले के वक्त परिसर में मौजूद थे मादुरो और उनकी पत्नी
जानकारी के अनुसार, अमेरिकी बलों की कार्रवाई के समय मादुरो और उनकी पत्नी फुएर्ते टियूना परिसर के अंदर स्थित अपने आधिकारिक आवास में मौजूद थे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया था कि यह ऑपरेशन अंधेरे में और पूरी तरह सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। उन्होंने दावा किया कि इस छापेमारी के दौरान काराकास के बड़े हिस्से में बिजली गुल कर दी गई थी और अमेरिका ने शहर की बिजली आपूर्ति बाधित करने के लिए विशेष विशेषज्ञता का इस्तेमाल किया था।
अमेरिका ने बताया कैसे पकड़े गए मादुरो और उनकी पत्नी को
अमेरिका के जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन रेजिन केन ने शनिवार (स्थानीय समय) को बताया कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया को पकड़ने के लिए चलाया गया सैन्य अभियान बेहद गोपनीय, सटीक और महीनों की तैयारी का नतीजा था। इस मिशन को ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व नाम दिया गया था।
फ्लोरिडा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जनरल केन ने कहा, इस ऑपरेशन की योजना और तैयारी कई महीनों तक की गई। यह ऐसा अभियान था, जिसे केवल अमेरिकी सेना ही अंजाम दे सकती थी। शुक्रवार रात 10.46 बजे (ईस्टर्न टाइम) अमेरिकी राष्ट्रपति के आदेश के बाद इस मिशन को हरी झंडी दी गई। जनरल केन के मुताबिक, इस ऑपरेशन में कुल 150 से ज्यादा विमान शामिल थे। इनमें बॉम्बर, लड़ाकू विमान, खुफिया, निगरानी और टोही विमान के साथ ही हेलिकॉप्टर भी शामिल थे। ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी सेना का एक विमान क्षतिग्रस्त जरूर हुआ, लेकिन वह उड़ान भरने योग्य बना रहा और मिशन पूरा करने के बाद सुरक्षित लौट आया। सभी विमान सुरक्षित रूप से वापस लौट आए।
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अमेरिकी बमबारी के बाद अंधरे डूबी राजधानी काराकास
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद वेनेजुएला की राजधानी काराकास और उसके आसपास के शहरों में डर और अफरा-तफरी का माहौल है। अमेरिका के हवाई हमलों में काराकास में अहम ढांचे तबाह हो गए। बिजली ग्रिड को भारी नुकसान पहुंचा है और पूरा शहर अंधेरे में डूब गया। राजधानी में संचार सेवाएं ठप हो गईं, दुकानें बंद हैं और सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ।
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काराकास में रह रहे भारतीय समुदाय के सदस्य सुनील मल्होत्रा ने बताया कि हालात बेहद डरावने हैं। एयरपोर्ट पर हमला हुआ और शहर से करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित देश के सबसे बड़े एयरबेस को भी निशाना बनाया गया। सबसे ज्यादा नुकसान फुएर्ते टियूना इलाके में हुआ, जहां से बिजली की आपूर्ति होती है। हमलों के बाद सार्वजनिक परिवहन बंद हो गया और लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं। खाने-पीने के सामान के लिए लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं। बड़े सुपरमार्केट बंद हैं, सिर्फ मोहल्लों की छोटी दुकानों पर ही हलचल है। ब्रेड और दवाइयों की दुकानों पर सबसे ज्यादा भीड़ देखी जा रही है। बिजली नहीं होने के कारण मोबाइल चार्ज करना भी मुश्किल हो गया है। एक अन्य भारतीय ने बताया कि मोबाइल चार्ज करने के लिए उसे कई किलोमीटर पैदल चलकर एक स्ट्रीट लाइट के पास जाना पड़ा। घंटों इंतजार के बाद फोन चार्ज हो पाया। सुरक्षा कारणों से पुलिस ने लोगों को वहां से हटने को कहा, लेकिन यह नहीं बताया कि बिजली की आपूर्ति कब तक बहाल हो जाएगी।
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