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'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय': G7 में PM मोदी ने किया आह्वान; कहा- दुनिया में आज संसाधनों की नहीं, भरोसे की कमी

Tue, 16 Jun 2026 11:18 PM IST
Pavan एएनआई, एवियन

सार

PM Modi at G7 Summit: फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया के सामने 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' का संदेश रखते हुए कहा कि वैश्विक अस्थिरता और संघर्षों के दौर में सभी देशों को मिलकर मानवता के कल्याण के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया को केवल आर्थिक विकास नहीं, बल्कि सभी लोगों की खुशहाली और समावेशी विकास सुनिश्चित करना होगा।
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G7 की बैठक में PM मोदी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी7 देशों से कहा कि वैश्विक दक्षिण को दुनिया से सिर्फ मदद नहीं बल्कि साझेदारी चाहिए। जी7 शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन मंगलवार को आउटरीच सत्र में पीएम मोदी ने कहा, दुनिया को सिर्फ लेन-देन वाले रिश्ते से आगे बढ़कर एकजुटता और बराबरी पर आधारित साझेदारी की ओर बढ़ना चाहिए।
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प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की जानकारी सोशल मीडिया पर दी। उन्होंने आउटरीच सत्र में कहा, ऐसी दुनिया में जो पहले से कहीं ज्यादा आपस में जुड़ी और एक-दूसरे पर निर्भर होती जा रही है, यह विषय और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। लेकिन, साझेदारियां तभी सफल हो सकती हैं जब वे भरोसे पर टिकी हों। आपसी भरोसा आज सबसे अहम रणनीतिक संपत्ति है। लेकिन दुख की बात है कि आज दुनिया में संसाधनों की कमी नहीं है... बल्कि भरोसे की कमी है और हमारी साझेदारियों का भविष्य इसी भरोसे को फिर से कायम करने पर निर्भर करता है।

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G7 की बैठक में PM मोदी - फोटो : ANI
प्रधानमंत्री ने कहा, ग्लोबल साउथ को दुनिया से बहुत उम्मीदें हैं। उसे सिर्फ मदद नहीं, बल्कि साझेदारी चाहिए। हमें मदद देने और लेने वाली सोच से आगे बढ़कर बराबरी के साझेदार के तौर पर काम करना होगा। हमें सिर्फ एक-दूसरे के साथ-साथ नहीं, बल्कि मिलकर आगे बढ़ना होगा। पीएम मोदी ने कहा, किसी भी साझेदारी का संबंध सम्मान से होना चाहिए, निर्भरता से नहीं।



पीएम मोदी ने कहा, भारत ने हमेशा मानवता सबसे पहले के नजरिए को अपनाया है। यह हमारे इंटरनेशनल सोलर अलाएंस, कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस, मिशन लाइफ और एक पेड़ मां के नाम जैसी पहलों में दिखता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के बारे में भारत का नजरिया वसुधैव कुटुंबकम की सदियों पुरानी सोच पर आधारित है।

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G7 की बैठक में PM मोदी - फोटो : ANI
जी7 बैठक का यह सत्र नई पार्टनरशिप बनाना और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को फिर से मजबूत करना विषय पर आधारित था। इस सत्र में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलनी, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर समेत कई नेताओं ने हिस्सा लिया।



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भारत की कोशिशें अफ्रीका को मजबूत कर रहीं
भारत का मानना है कि साझेदारी की असली कसौटी यह नहीं है कि हम दूसरों के लिए क्या बनाते हैं, बल्कि यह है कि हम उन्हें खुद के लिए कुछ बनाने में कैसे सक्षम बनाते हैं। हमारी विकास साझेदारियां इसी भावना को दर्शाती हैं। हमारी कोशिशें सहयोगी देशों में क्षमता निर्माण और कौशल विकास पर केंद्रित रही हैं। प्रधानमंत्री ने इसके लिए अफ्रीका का उदाहरण दिया और कहा, अफ्रीका में भारत की साझेदारी में ट्रेनिंग, क्षमता निर्माण, जल संसाधन, कृषि और ऊर्जा जैसे क्षेत्र शामिल हैं। ये कोशिशें अफ्रीकी देशों की क्षमता को मजबूत कर रही हैं और उन्हें दुनिया की अहम चुनौतियों का समाधान खोजने में मदद कर रही हैं।
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