संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) अंतरिक्ष की दुनिया में कामयाबी की नई इबारत लिखने जा रहा है। यूएई का मंगल मिशन आज यानी 16 जुलाई को लॉन्च होने वाला है। यह किसी भी अरब देश का पहला मंगल मिशन है और इस अंतरिक्ष मिशन की कमान एक महिला के हाथों में है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर से मंत्री पद तक का सफर तय करने वाली इस महिला वैज्ञानिक का नाम सारा अल अमीरी है।
33 वर्षीय सारा यूएई की एडवांस्ड टेक्नोलॉजी मंत्री हैं और वो सॉफ्टवेयर इंजीनियर भी रह चुकी हैं। सारा ने एक इंटरव्यू में बताय कि यूएई के होप मंगल मिशन में मेरी पूरी टीम ने छह साल से ज्यादा का समय दिया है। एक लंबे समय की मेहनत के बाद मिशन मंगल अब लॉन्च होने जा रहा है।
उन्होंने बताया कि यह मिशन मंगल के वातावरण और सतहों की संरचना के कारण खोजेगा। यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि कैसे मंगल पहले पृथ्वी की तरह जीवन वाला ग्रह था और कैसे यह बदल गया। मिशन की लॉन्चिंग के बाद पहले 24 घंटों पर वह खुद नजर रखेंगी। क्योंकि इसी समय में उन्हें मिशन की सफलता से जुड़े शुरुआती नतीजे मिलेंगे।
सारा दुबई स्थित मोहम्मद बिन राशिद स्पेस सेंटर में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर काम कर चुकी हैं। यहीं से उनका रुझान अंतरिक्ष विज्ञान की ओर बढ़ा। इससे पहले सारा ने शारजाह की अमेरिकी यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में डिग्री हासिल की थी। 1987 में जन्मी सारा हमेशा से अंतरिक्ष विज्ञान मे दिलचस्पी रखती थीं। उनके करियर चुनने के समय यूएई में स्पेस कार्यक्रम था ही नहीं।
साल 2017 में जब यूएई में एडवांस्ड साइंस और टेक मंत्री के पद का पहली बार एलान हुआ, तब सारा को इस पद पर नियुक्त किया गया। 2017 में ही सारा अमीरात की पहली नागरिक बनीं, जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय टीईडी सम्मेलन में मंगल मिशन के बारे में बातचीत करने के लिए शिरकत की।