भारतीय मूल के ब्रिटिश उपन्यासकार संजीव सहोता उन 13 लेखकों में शामिल है, जिनकी किताब ‘चाइना रूम’ को इस साल बुकर पुरस्कार के दावेदारों की सूची में शामिल किया गया है। 1 अक्तूबर 2020 के बाद ब्रिटेन व आयरलैंड में प्रकाशित 158 उपन्यासों का मूल्यांकन करने के बाद जजों ने मंगलवार को 13 उपन्यासों की सूची को बुकर पुरस्कारों के दावेदारों में शामिल किया। 40 वर्षीय संजीव सहोता के दादा-दादी 1960 के दशक में पंजाब से ब्रिटेन पहुंचे थे।
लेखक इस बार भी अपने पारिवारिक इतिहास से प्रेरित उपन्यास चाइना रूम के लिए 50,000 पाउंड (69,000 डॉलर) के पुरस्कार की सूची में शामिल हुए हैं। 2017 में साहित्य का नोबेल जीतने वाले ब्रिटेन के इशिगुरो भी इस साल ‘क्लारा एंड द सन’ के लिए बुकर पुरस्कारों की सूची में शामिल हैं। इशिगुरो के लिए यह चौथा बुकर नामांकन है।
उन्होंने 1989 में ‘द रिमेंस ऑफ द डे’ के लिए पुरस्कार जीता था। अमेरिकी लेखक पॉवर्स को ‘बेविल्डरमेंट’ के लिए नामांकित किया गया है। पॉवर्स ने 2019 में ‘द ओवरस्टोरी’ के लिए पुलित्जर पुरस्कार जीता था।
‘चाइना रूम’ की कहानी ने किया प्रभावित
बुकर पुरस्कार के चयनमंडल ने कहा, संजीव सहोता के ‘चाइना रूम’ ने दो काल और दो महाद्वीपों को एक साथ बुनते हुए प्रवासी अनुभव पर आधारित कहानी के एक शानदार मोड़ के साथ हमें प्रभावित किया। इस साल की सूची में दक्षिण अफ्रीका के डैमोन गैलगट का उपन्यास ‘द प्रॉमिस’, कनाडाई लेखक मैरी लॉसन के ‘ए टाउन कॉल्ड सोलेस’ को भी बुकर पुरस्कार में जगह मिली है।
लॉकवुड और मैगी को भी मिली जगह
इनके अलावा अमेरिकी पैट्रीशिया लॉकवुड को ‘नो वन इज टॉकिंग अबाउट दिस’ और उनके हमवतन नाथन हैरिस को ‘द स्वीटनेस ऑफ वॉटर’ के लिए सूची में जगह मिली है।
सूची में अमेरिकी लेखक मैगी शिपस्टेड की ‘ग्रेट सर्कल’, ब्रितानी उपन्यासकार फ्रांसिस स्पफर्ड की ‘लाइट परपेचुअल’, ब्रितानी/सोमालियाई लेखक नादिफा मोहम्मद की ‘द फॉर्च्यून मेन’, ब्रितानी/कनाडाई लेखक रशेल कस्क की ‘सेकंड प्लेस’, दक्षिण अफ्रीकी उपन्यासकार कारेन जेनिंग्स की ‘एन आइलैंड’ और श्रीलंकाई लेखक अनुक अरुदप्रगसम की‘ए पैसेज नॉर्थ’ भी शामिल है।
अंतिम 6 की घोषणा 14 सितंबर को
सूची में अंतिम छह में जगह बनाने वाली किताबों की घोषणा 14 सितंबर को की जाएगी और विजेता को तीन नवंबर को लंदन में एक समारोह के दौरान पुरस्कृत किया जाएगा। इससे पहले, 2020 का बुकर पुरस्कार स्कॉटिश-अमेरिकी डगलस स्टुअर्ट ने अपने पहले उपन्यास ‘शुगी बैन’ के लिए जीता था।