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विदेश दौरे पर जयशंकर: मालदीव के अड्डू में सुधार और तट संरक्षण के लिए समझौते पर हस्ताक्षर, 'बिम्सटेक’ शिखर सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे श्रीलंका

Mon, 28 Mar 2022 12:18 AM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अड्डू/माले

सार

जयशंकर श्रीलंका के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय वार्ता करने और सात देशों के ‘बिम्सटेक’ शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए सोमवार को यहां पहुंचेंगे। श्रीलंका को मौजूदा आर्थिक संकट से उबारने के लिए भारत द्वारा आर्थिक राहत पैकेज देने के बाद से यह द्वीप राष्ट्र की उनकी पहली यात्रा होगी।
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एस जयशंकर - फोटो : ANI
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विस्तार
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह से अड्डू शहर में रविवार को मुलाकात की। दोनों देशों के बीच विशेष साझेदारी पर चर्चा हुई। विदेश मंत्री ने कहा, मालदीव की ‘इंडिया फर्स्ट’ की नीति और भारत की ‘पड़ोसी पहले’ की नीति केवल वाक्यांश नहीं हैं, बल्कि भारत-मालदीव संबंधों का आधार है। 
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वहीं, मालदीव के विदेश मामलों के मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने कहा, हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए सहयोगात्मक प्रयास की आवश्यकता है। यह इस वास्तविकता के समर्थन में है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मालदीव और भारत के बीच सहयोग भी मजबूत हो रहा है। दोनों देशों ने एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के साथ ही भारत के राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क (एनकेएन) और मालदीव के हायर एजुकेशन के बीच संपर्क के लिए मार्ग प्रशस्त किया। 

जयशंकर ने कहा कि उन्हें राष्ट्रपति सोलिह के साथ ‘नेशनल कॉलेज ऑफ पुलिस एंड लॉ एनफोर्समेंट’ (एनसीपीएलई) के उद्घाटन समारोह में शामिल होने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा कि एनसीपीएलई कानून प्रवर्तन के लिए भारत के मजबूत समर्थन को रेखांकित करता है। 
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विदेश मंत्री ने एक अन्य ट्वीट में कहा, अड्डू सड़क परियोजना का भूमि पूजन हमारी विकास साझेदारी पर जोर देता है। साथ ही अड्डू में सुधार और तट संरक्षण के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। तटीय रडार प्रणाली सौंपने से मालदीव की सुरक्षा मजबूत होगी दोनों मंत्रियों ने क्षेत्रीय सुरक्षा एवं समुद्री सुरक्षा मामलों पर भी चर्चा की। जयशंकर ने भारत और मालदीव के बीच ‘समय की कसौटी पर परखे’ रिश्ते को क्षेत्र में स्थिरता के लिए ताकत बताते हुए शनिवार को कहा था कि दोनों देशों की साझा जिम्मेदारी इसे पोषित और मजबूत करने की है। 

जयशंकर ने मालदीव के विदेश मंत्री के साथ द्विपक्षीय साझेदारी के व्यापक विषयों पर चर्चा की और दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में जारी परियोजनाओं एवं पहलों का जायजा लिया। दोनों मंत्रियों ने क्षेत्रीय सुरक्षा एवं समुद्री सुरक्षा मामलों पर भी चर्चा की। भारत और मालदीव एक-दूसरे द्वारा जारी किए कोविड-19 रोधी टीकों के प्रमाणपत्र को परस्पर मान्यता देने पर शनिवार को राजी हो गए। इस कदम से दोनों देशों के बीच यात्रा आसान हो जाएगी और पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। 

मालदीव ने ‘पड़ोसी पहले’ की भारतीय नीति को सराहा
मालदीव के विदेशमंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने भारत की ‘पड़ोसी पहले’ की नीति की सराहना की और कहा, इसके तहत दोनों देशों को परस्पर लाभ हुआ। नई दिल्ली ने कोविड-19 के दौरान मालदीव को सहायता भी पहुंचाई। अब्दुल्ला संयुक्त राष्ट्र संघ के अध्यक्ष भी हैं, ने एक मित्र और साझेदार के तौर पर मालदीव के साथ एकजुटता दिखाने के लिए भारत का आभार जताया। उन्होंने उम्मीद जताई को दोनों देशों के बीच आने वाले समय में संबंध और गहरा होगा। 
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जयशंकर देर रात श्रीलंका पहुंचे
जयशंकर शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय वार्ता करने और सात देशों के ‘बिम्सटेक’ शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए रविवार देर रात श्रीलंका पहुंच गए हैं। श्रीलंका को मौजूदा आर्थिक संकट से उबारने के लिए भारत द्वारा आर्थिक राहत पैकेज देने के बाद से यह द्वीप राष्ट्र की उनकी पहली यात्रा है। बिम्सटेक में भारत और श्रीलंका के अलावा, बांग्लादेश, म्यांमार, थाईलैंड, नेपाल और भूटान शामिल हैं।
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