रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक बार फिर पश्चिमी देशों के खिलाफ हमलावर हो गए। उन्होंने वैश्विक व्यवस्था के लिए पश्चिम देशों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अगले रूस की अध्यक्षता में शिखर सम्मेलन आयोजित होगा, जो निष्पक्ष वैश्विक व्यवस्था स्थापित करने के लिए समर्पित होगा।
नियम आधारित विश्व व्यव्सथा वास्तव में अस्तित्व में नहीं
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को आयोजित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अगला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन रूस के कजान शहर में आयोजित होगा। इस दौरान हम वर्तमान स्थिति को सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे। नियम आधारित विश्व व्यव्सथा वास्तव में अस्तित्व में नहीं है। यह राजनीतिक एजेंडे, हितों और प्रोपोगैंडा के अनुसार हर दिन बदलती रहती है। हम अपने शिखर सम्मेलन में साफ करेंगे कि इसी विश्व में अन्य शक्तिशाली देश हैं, जो नियमों के अनुसार नहीं चलना चाहते। अन्य शक्तिशाली देश मौलिक नीतियों के आधार पर बढ़ना चाहते हैं।
लंबित फंडिंग पारित करने का आह्वान
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमीर जेलेंस्की दो दिन पहले ही अमेरिका के दौरे पर थे। इस दौरान जेलेंस्की ने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन से मुलाकात की। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुलाकात व्हाइट हाउस के ओवल दफ्तर में हुई थी। बैठक में बाइडन ने कांग्रेस से यूक्रेन के लिए लंबित फंडिंग पारित करने का आह्वान किया। बैठक के दौरान बाइडन ने कहा कि कांग्रेस को छुट्टियों पर जाने से पहले यूक्रेन को लंबित राशि देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमने देखा है कि जब तानाशाह मौत और विनाश की कीमत नहीं चुकाते तो क्या होते हैं। उन्हें बढ़ावा मिलता है और वह बढ़ते रहते हैं। बता दें, जेलेंस्की ने कांग्रेस नेताओं ने अनुरोध किया है कि वे जल्द फंडिंग की अनुमति दे दें।
जानिए क्या होता है ब्रिक्स
ब्रिक्स, जो ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका का संक्षिप्त रूप है, एक अनौपचारिक साझेदारी है जो सदस्य देशों के बीच सहयोग और संचार को बढ़ावा देती है। ब्रिक्स देशों के बीच कोई औपचारिक या कानूनी रूप से बाध्यकारी समझौता नहीं है। ब्रिक्स शब्द जिम ओ'नील द्वारा बनाया गया था, जिन्होंने उस समय वैश्विक अर्थव्यवस्था के भीतर इन देशों की क्षमता पर जोर देने के लिए इस शब्द का प्रयोग किया था।